पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • विरोध दबाने विधायक का शोर, 24 लोगों ने मांगा टिकट इनमें से लोधी समाज के ही हैं 9

विरोध दबाने विधायक का शोर, 24 लोगों ने मांगा टिकट इनमें से लोधी समाज के ही हैं 9

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज | खैरागढ़/गंडई पंडरिया

टिकट के लिए सामने आई दावेदारों की संख्या से पार्टी के भीतर विधायक का विरोध खुलकर सामने आ गया। सामाजिक एकता भी टूटती दिखाई दे रही है। इसी को दबाने के लिए मंगलवार को फॉर्म जमा करने पहुंचे विधायक गिरवर जंघेल ने रैली निकाली। वे 25 से 30 कार्यकर्ताओं के साथ ब्लॉक अध्यक्ष भीखम चंद छाजेड़ की दुकान में पहुंचे। इस बीच जमकर नारेबाजी हुई। आखिरी दिन शाम साढ़े 4 बजे तक खैरागढ़ में 13 और छुईखदान ब्लॉक में 12 कांग्रेसियों ने आवेदन जमा किए। इसमें लोधी समाज के 9 दावेदार शामिल हैं।

जाहिर है कि पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ समाज का एक वर्ग विधायक गिरवर जंघेल का प्रतिनिधित्व नहीं चाहता। कुछ कांग्रेसी तो खुलकर सामने आ चुके हैं। ऐसे में टिकट को लेकर कांग्रेस में घमासान मचेगा ही। इससे पहले जून में लोधेश्वर महाराज की शोभायात्रा निकाली गई। धाकड़ नेताओं की मौजूदगी में सामाजिक एकता बनाए रखने का संकल्प लिया गया लेकिन कांग्रेस के टिकट वितरण की प्रक्रिया शुरू होते ही वादे भुला दिए गए। विधायक जंघेल के बिना जन मुद्दों पर प्रशासन को घेरने वाली यशोदा वर्मा और उनके पति नीलांबर वर्मा पहले से ही विरोध में खड़े दिखे। लोकसभा चुनाव लड़ने वाले कमलेश्वर वर्मा भी विधानसभा के लिए आवेदन भरा।

विधायक से कहा- कह दो न आपकी चलती नहीं

खैरागढ़.पार्षद मनराखन देवांगन ने विधायक के सामने आपत्ति दर्ज कराई। जब गिरवर ने संगठन पर मामला टाला तो वे बोले, कह दो न आपकी चलती नहीं।

विधायक के अलावा लोधी समाज से इन्होंने भरे आवेदन

विधानसभा चुनाव के लिए खुलकर दावेदार सामने आ गए हैं। हर कोई विधायक के लिए टिकट की आस लगाए हुए है। जिला पंचायत अध्यक्ष चित्रलेखा वर्मा, सदस्य यशोदा वर्मा, नीलांबर वर्मा, जनपद सदस्य विजय वर्मा, पूर्व जनपद अध्यक्ष अशोक जंघेल, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष गोकुल चंदेल, मोती जंघेल और रामकुमार पटेल आदि का सामने आना विधायक के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।

कांग्रेसी कह रहे विधायक के खिलाफ इसलिए है नाराजगी

खैरागढ़ में कार्यालय नहीं खोला, कार्यकर्ताओं से दूरी बढ़ी।

भाजपा समर्थित सरपंचों को विधायक निधि की राशि बांटी।

अमलीपारा पुल में गड़बड़ी उजागर होने के बाद आवाज नहीं उठाई।

नहर, नाली और सड़कों को लेकर हुए आंदोलन में साथ नहीं आए।

खैरागढ़ को जिला बनाने की मांग पर विधायक की भूमिका नजर नहीं आई।

समय-समय पर होने वाली बैठकों और गतिविधियों से वे गायब रहे। लगातार संपर्क नहीं बनाए रखा।

जानिए, क्या कह रहे हैं संगठन और समाज के नेता

सक्रिय भागीदारी शून्य रही

खैरागढ़ को जिला बनाने के लिए विधायक ने समर्थन तो दिया पर कोई जन आंदोलन खड़ा करने सक्रिय भागीदारी शून्य रही। उनके कार्यकाल को देखते हुए उनकी जीत पर असमंजस है। इसलिए इतने आवेदन आए हैं। मिहिर झा, जिला महामंत्री

समाज एक है भई

सीधी बात

गिरवर जंघेल, विधायक

पार्टी में आपका विरोध हो रहा है इसलिए इतने फॉर्म भरे गए?

-लोकतंत्र है। सभी को अधिकार है मांगने का। हाईकमान टिकट तय करेगा। एक को टिकट मिलेगा तो सब एक हो जाएंगे।

आरोप है कि पांच साल आप निष्क्रिय रहे। कार्यालय तक नहीं बनाया?

-मैं रोज दौरा करता हूं। सभी कहेंगे कि कार्यालय खोल दो और मैं जाऊंगा ही नहीं तो... मैं घर में ऐशो आराम नहीं कर रहा हूं, 365 दिन उपलब्ध रहता हूं।

जब दौरा करते हैं तो पुल में गड़बड़ी जैसा मुद्दा आपको क्यों नहीं दिखा? बाद में आप निरीक्षण करने गए भी तो रिजल्ट क्या निकला?

-गलत काम का आवाज उठाना। शासन-प्रशासन तक बात रखना हमारा काम है। अब सरकार सुन नहीं रही है तो हम क्या करें।

रिजल्ट लाने की जिम्मेदारी किसकी ?

-हमारी है। हमारा कर्तव्य है। लेकिन हम सरकार तक अपनी भावनाएं रख सकते हैं। धरना है। प्रदर्शन है। कर सकते हैं।

पुल को लेकर आपने कहां किया धरना-प्रदर्शन?

-निर्माण कार्य के दौरान हम लोग एक दिन के लिए बैठे थे।

अपनी पार्टी से टिकट मांगना तो उनका मौलिक अधिकार है। ऐसा नहीं है कि इससे समाज में किसी तरह का विवाद होगा। टिकट किसी एक को ही मिलेगा। समाज एक है भई। ईश्वर वर्मा, सर्किल अध्यक्ष

नए चेहरों पर विचार जरूरी

जातिगत समीकरण के आधार पर विजयी होने के बावजूद विधायक की निष्क्रियता के चलते उन्हीं के समाज से 6-7 लोगों ने आवेदन किया है। परिस्थितियों को देखते हुए पार्टी को नए चेहरों पर विचार करना चाहिए। ओम प्रकाश झा, स्थाई सदस्य जिला ग्रामीण

रोजाना दौरा, मैं घर में ऐशो आराम थोड़े ही कर रहा हूं

खबरें और भी हैं...