‘शनिदेव शत्रु नहीं, कलयुग में भी न्याय करने वाले देवता हैं’
शनि जयंती पर सेक्टर 13-17 स्थित मेन हुडा पार्क में मंगलवार को शाम 6 बजे से विराट भक्ति संध्या का आयोजन किया गया। विराट भक्ति सत्संग भजन संध्या में कथा वाचक दयानंद सरस्वती महाराज रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक महिपाल ढांडा रहे।
उन्होंने कहा कि भगवान शनिदेव कलियुग में भी निष्पक्ष न्याय में विश्वास करने वाले माने जाते हैं। नि ग्रह के स्वामी शनिदेव को ज्योतिष शास्त्र में सबसे क्रूर ग्रह माना जाता है। जबकि शनिदेव की क्रूरता पूरा सच नहीं है। दरअसल, शनि न्याय के देवता हैं। किसी भी बुराई के सख्त विरोध में रहते हैं। इसलिए बुरे कर्म करने वालों को ही शनिदेव से डरने की जरूरत है। मान्यताएं है कि शनिदेव को यदि विधिवत पूजा की जाएं, तो वे अपने भक्तों को कभी दुखी नहीं रखते हैं। कार्यक्रम में 6 गरीब महिलाओं के लिए सिलाई मशीन वितरण, दिव्यांग को 2 व्हील चेयर वितरण भेंट की गई।
भजन गायक सीमा ने वीर बजरंग, व शनिदेव के भजनों पर अपनी प्रस्तुति दी। छम-छम नाचे देखो वीर हनुमाना, कहते है लोग इसे राम का दीवाना। भजन गायक प्रमोद चोपड़ा ने सुनाया कि शनिदेव तेरे जग में है दगा ही दगा, बिन तेरे यहां कोई ना सगा। नाच लैण दे मैनु नाच लैण दे आदी भजनों पर श्रद्धालु भी झूमने लगे। इस अवसर पर भीम सचदेवा, हरीश अरोड़ा, पंकज त्यागी, सुभाष खुराना, अमर मिगलानी, प्रवीण कंसल, विनोद चोपड़ा, अशोक, देवेंद्र कथुरिया, धर्मबीर सहरावत, मदन लाल मजोका, जुगल आहुजा व रमेश चंद्र मौजूद रहे।