बाल पुनर्वास केंद्र का डीसी ने शाम को किया निरीक्षण सुबह सामाजिक संस्थाओं के साथ पहुंचाया सामान
शिव नगर के बाल श्रमिक केंद्र में सोमवार देरशाम पहुंचकर डीसी सुमेधा कटारिया ने बच्चों से बात की। बच्चों ने डीसी काे बताया कि बाथरूम के दरवाजे भी नहीं हैं, जूते-चप्पल, बाल्टी, तौलिया नहीं है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी निधि गुप्ता से डीसी ने इस मामले पर बात की। डीसी ने बच्चों के साथ मिलकर हम होंगे कामयाब एक दिन गीत के बोल भी गुनगुनाए। डीसी ने बच्चों को कहा कि दो महीनों के अंदर ही आधुनिक बाल श्रमिक केंद्र बनाएंगी।
उन्होंने सामाजिक संगठनों और राहगीरी टीम के सदस्यों से बात कर बच्चों की मदद करने की कही। समाजसेवी सीमा बब्बर ने बच्चों के लिए टीवी और 40 जोड़े चप्पल और खिलौने व बाल्टी इत्यादि, गोपीजी सोसायटी ने 40 जोड़े जूते और बैड सीट, समाजसेवी कंचन सागर द्वारा कूलर, विक्की कात्याल द्वारा कंघी व साबुन इत्यादि की 40 किट, समाजसेवी मुरली ने एक साल का डीटीएच का खर्च, डीएफएससी अनिता खर्ब ने बच्चों के लिए तौलियों का जिम्मा उठाया। मंगलवार को डीसी कटारिया ने पुन: श्रमिक केंद्र में जाकर स्वयं अपने हाथों से बच्चों काे भेंट की। इस मौके पर समाजसेवी गौरव लिखा, मेहुल जैन, सीमा बब्बर, संदीप जिंदल, ललित गोयल, वीना रानी, आरती, हर्षा, डीएफएससी अनीता खर्ब, नीलम, निधि गुप्ता, विवेक गुप्ता, सुमित मित्तल, राज सिंगला, सुरेंद्र गर्ग, शहीद भगत सिहं क्लब के सदस्य, सुरेश काबरा, संदीप, रोशनलाल जिंदल, भरत जिंदल, सोमदत्त वार्डन, कंचन सागर, मनीषा व दीप्ति मौजूद रही।
ये सुविधा दी जाने की तैयारी
डीसी ने कहा कि बाल श्रमिक पुनर्वास केंद्र की हालत को सुधारने के लिए इसे डी-प्लान के तहत दोबारा बनवाने, इसमें सोने के लिए बैड, इंडोर गेम्स इत्यादि सभी चींजे उपलब्ध करवाई जाएगी। जल्द ही पुनर्वास केंद्र को सही बनाया जाएगा।
पानीपत. शिव नगर स्थित पुनर्वास केंद्र में बच्चों से बातचीत करतीं डीसी सुमेधा कटारिया।