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अविश्वास प्रस्ताव देने के बाद जिला परिषद चेयरपर्सन की कुर्सी पर बैठे पार्षद श्यामचंद, आशु शेरा का आरोप- कागजात भी चोरी किए

3 वर्ष पहले
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जिला परिषद चेयरपर्सन आशु शेरा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव देने वालों में एक पार्षद श्यामचंद पर चेयरपर्सन ने गंभीर आराेप लगाए हैं। शेरा ने पुलिस और परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को शिकायत देकर आरोप लगाया है कि श्यामचंद न सिर्फ उनकी कुर्सी पर बैठे, बल्कि जरूरी कागज भी चुराकर ले गए। शेरा ने सोशल मीडिया पर श्यामचंद का वह फोटो भी जारी किया है, जिसमें श्यामचंद चेयरपर्सन के कार्यालय में कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं।

चेयरपर्सन का कहना है कि यह उनकी कुर्सी है और खुद को चेयरपर्सन बताने के लिए ही इस तरह की हरकत की गई। साथ ही श्यामचंद ने उनके कार्यालय के कागजात भी खंगाले और चोरी कर ली। इस बारे में शेरा ने कहा कि बुधवार को डीसी से इसकी शिकायत करने के साथ ही मानहानि का केस भी डाला जाएगा। वहीं, इस बारे में श्यामचंद ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव देने के बाद एक मिनट के लिए चेयरपर्सन के कार्यालय जरूर गए थे। कुर्सी पर भी बैठे, लेकिन वह चेयरपर्सन की नहीं दूसरी थी। वहां तो पता ही नहीं चल रहा था कि कुर्सी किसकी है और किसकी नहीं।

पानीपत. जिला परिषद चेयरपर्सन की कुर्सी पर बैठे पार्षद श्यामचंद।

अविश्वास रोकने तीन पार्षदों के साथ गोवा गए शेरा, पीछे से अपनों ने ही दिया धोखा

अविश्वास की सियासत पिछले कई दिनों से चल रही थी। जिसे रोकने के लिए चेयरपर्सन आशु शेरा और उनके पति भाजपा प्रदेश सचिव सत्यवान शेरा तीन पार्षदों के साथ गोवा पहुंच गए। तीन पार्षदों में वाइस चेयरपर्सन वार्ड-8 से पुनीता, वार्ड-7 से संदीप कुमार और वार्ड-12 से मंजीत बराना शामिल थे। बताया जा रहा है कि भाजपा के ही कुछ पार्षदों ने गोवा जाने की सलाह दी थी, लेकिन पीछे से विरोधियों के साथ मिलकर अविश्वास प्रस्ताव दे दिया। मंगलवार को सभी लौट आए।

विज के खिलाफ बोलने वाले देव मलिक को मनाने में जुटे भाजपाई

इधर, भाजपा नेताओं ने भी सियासत शुरू कर दी है। वार्ड-14 से पार्टी पार्षद देव मलिक पर बजाय कार्रवाई के मनाने में जुट गई है। मलिक ने सोमवार को बयान दिया था कि प्रमोद विज अध्यक्ष के रूप में जिले को नहीं संभाल पा रहे हैं। सिर्फ सिटी विधानसभा पर ही फोकस कर रहे, क्योंकि सिटी से वह चुनाव लड़ना चाहते हैं। मलिक ने विज को हटाने की मांग भी की थी। इस बारे में जिला अध्यक्ष प्रमोद विज ने कहा कि मलिक सीनियर भाजपा कार्यकर्ता हैं। उनकी नाराजगी जानी जाएगी। कार्रवाई करने की कोई बात नहीं है।

मलिक के साथ नरमी और दूसरे कार्यकर्ताओं का निलंबन क्यों?

सवाल ये है कि आखिर देव मलिक के साथ भाजपा के नेता नरमी क्यों बरत रहे हैं। जबकि पार्टी विरोधी गतिविधियों व विज के खिलाफ बोलने पर करीब एक दर्जन कार्यकर्ता पार्टी से निलंबित किए जा चुके हैं। असल में भाजपा को अभी जिला परिषद चेयरपर्सन और वाइस चेयरपर्सन की कुर्सी बचानी है। इसलिए, मलिक पर कार्रवाई करके एक और पार्षद को विरोध में नहीं करना चाहते।

भाटिया ने कहा- मलिक को जवाब देना होगा : प्रदेश महामंत्री संजय भाटिया ने कहा कि पार्टी का अनुशासन तोड़ने की अनुमति किसी को नहीं है। देव मलिक ने ऐसा बयान क्यों दिया, इसका जवाब उनसे मांगा जाएगा।

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