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संस्कृत भारती शुरू करेगी प्रदेश का पहला संभाषण केंद्र

3 वर्ष पहले
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संस्कृत विषय को रोचक बनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। शहर के एसडी पीजी कॉलेज में संस्कृत भारती हरियाणा के सहयोग से संस्कृत संभाषण केंद्र शुरू होने जा रहा है। नए शिक्षा सत्र में शुरू होने वाले इस केंद्र में संस्कृत को सरल और रोजगारोन्मुखी बनाने की दिशा में काम होंगे। इसमें किसी भी आयु वर्ग के आम लोगों व विद्यार्थियों को मुफ्त में संस्कृत भाषा में वार्तालाप करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां पर खेल-खेल में संस्कृत सिखाई जाएगी। यहां पर संस्कृत में ही गाने गाए जाएंगे। शिक्षक और विद्यार्थी बातचीत भी संस्कृत में करेंगे। इस पायलट प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं।

संस्कृत में बातचीत के तरीके सीख सकेंगे शहर के लोग

इस तरह सीखेंगे संस्कृत

संस्कृतेन सम्भाषनं कुरू... धिक् धिक् ताना धिक् धिक् तै: धिक् तै तै तो:... इस तरह सुर में संस्कृत के शिक्षक गीत गाएंगे और इसी तरह की प्रैक्टिस कराएंगे। खेल खेलेंगे तो भी संस्कृत में बोलेंगे। साथ ही सांप को सर्प जालम्, शतरंज को चुतुरंगिनी, गोला फेंक को लौह प्रहार, तैराकी को अवगाहन प्रतियोगिता और कबड्डी को स्पर्शक्रीड़म् संबोधित करेंगे।

कोई भी ले पाएगा प्रशिक्षण

संस्कृत संभाषण कार्यशाला के लिए कोई भी अपना नाम दर्ज करवाकर प्रशिक्षण पा सकेगा। प्रिंसिपल डॉ. अनुपम अरोड़ा ने बताया कि मार्च-2018 में कॉलेज मे संस्कृत भारती के सहयोग से संस्कृत विषय पर नेशनल कॉन्फ्रेंस हुई थी। इसी दौरान कॉलेज में संस्कृत संभाषण केंद्र स्थापित करने पर सहमति बनी थी।

इसलिए पड़ी जरूरत

हीडेलबर्ग यूनिवर्सिटी के साउथ एशिया इंस्टीट्यूट ने संस्कृत और इंडोलॉजी कोर्सेस की मांग के बाद स्विट्जरलैंड, इटली सहित भारत में स्पोकेन संस्कृत का समर स्कूल शुरू करने जा रहा है। जर्मनी की टॉप 14 यूनिवर्सिटी में संस्कृत की पढ़ाई कराई जा रही है। कंप्यूटर क्षेत्र में भी संस्कृत के प्रयोग की संभावनाओं पर फ्रांस, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी व इंग्लैंड समेत अन्य देशों में शोध जारी है। इसे देखते हुए भारत में भी संस्कृत का प्रचलन बढ़ा है।

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