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टोल प्लाजा पर नहीं रुकेंगी हरियाणा रोडवेज की बसें, फास्ट टैग चिप लगाई

3 वर्ष पहले
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रोडवेज बसों को अब टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा। इसके लिए डिपो की बसों पर फास्ट टैग लगाए हैं। फास्ट टैग से गुजरते समय रोडवेज के खाते से इन बसों की टोल राशि कट जाएगी। टोल पर पुरानी व्यवस्था से समय की बर्बादी होती थी। चालक और परिचालकों को टोल राशि का भी अलग से हिसाब रखना पड़ता था। इसलिए रोडवेज प्रबंधन ने डिपो की बसों पर फास्ट टैग लगाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। नई सुविधा से रोडवेज की बसों को मासिक पास बनवाने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। रोडवेज प्रबंधन ने सभी बसों के लिए फास्ट टैग की अनिवार्यता लागू कर दी है। इसके लिए रोडवेज ने एचडीएफसी बैंक से करार किया है। इस करार के तहत फास्ट टैग के खाते इस बैंक में खुलेंगे। यहां से जारी होने वाले टैग बसों पर लगेगे।

इन डिपो का किया गया चयन : रोडवेज के 22 डिपो और 7 सब डिपो में से फिलहाल रेवाड़ी, नारनौल, झज्जर, कैथल, सिरसा, हिसार, पानीपत, भिवानी, सोनीपत, चंडीगढ़, फतेहाबाद, चरखी दादरी, रोहतक, गुड़गांव, कुरुक्षेत्र, फरीदाबाद, अम्बाला सिटी, करनाल डिपो का चयन करके लंबी दूरी की बसों पर फास्ट टैग लगाए हैं। पानीपत डिपो की सभी बसों पर ये टैग लगाए जा रहे हैं।

टोल प्लाजा पर खड़े रहने से लगता था ज्यादा समय

टोल पर जाम लगने से मुक्ति दिलाने को फास्ट टैग किया शुरू

विभिन्न टोल प्लाजा पर जाम लगने से मुक्ति दिलाने के लिए फास्ट टैग शुरू किया गया है। सभी टोल प्लाजा पर फास्ट टैग लेन बनी हुई है। फास्ट टैग लगे वाहनों को टोल प्लाजा पर रुककर टैक्स भरने की जरूरत नहीं होती। वे बिना रुके आगे निकल सकते हैं। फास्ट टैग वाहनों के स्क्रीन पर फिक्स रहता है। जैसे ही वाहन टोल काउंटर के पास पहुंचता है, उसका भुगतान ऑटोमेटिक हो जाता है। फास्ट टैग रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) टैग है, जो बैंकों और साझा सेवा केंद्रों के जरिए ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीके से उपलब्ध है। वाहन पर लगी फास्ट टैग चिप टोल प्लाजा के नजदीक आते ही वाई-फाई से कनेक्ट हो जाएगी और वाहन का निर्धारित टोल इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से कट जाएगा और टोल का बैरियर हट जाएगा।

जिले में बसों की स्थिति

डिपो में 138 बसें हैं। 25 बसें कंडम घोषित हैं, शेष 113 बसों में से कुछ मरम्मत के लिए वर्कशॉप में जाती है। ऐसे में 90 बसें ही सड़कों पर दौड़ती हैं। वहीं पिछले दिनों करीब 15 नई बसें डिपो को मिली हैं। कुछ पुरानी सीएनजी बसों को भी चालू किया जा रहा है। इन सभी बसों पर फास्ट टैग चिप लगवाई जा रही है।

समय की होगी बचत : जीएम

डिपो की बसों पर फास्ट टैग लगाए जा रहे हैं, जिससे बसों को किसी भी राज्य के टोल पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। फास्ट टैग लाइन से गुजरते समय टोल राशि खुद ही खाते से कट जाएगी। इस व्यवस्था से परिचालक को काफी सहूलियत होगी। इससे चालक और परिचालक की चिंता काफी कम हो जाएगी और उन्हें टोल का अलग से कोई हिसाब नहीं रखना पड़ेगा। -रामकुमार, रोडवेज जीएम।

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