अल्ट्रासाउंड न होने से महिलाओं ने किया अस्पताल में 1 घंटे हंगामा
सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड न होने से बुधवार को महिलाओं ने 1 घंटे से ज्यादा हंगामा किया। इसके बाद नाराज मरीजों ने सीएमओ कार्यालय में जाकर रोष जताया। सीएमओ को एक गर्भवती महिला ने कहा कि मुझे डाॅक्टर ने 7 मई की तारीख दी थी, लेकिन अभी तक मेरा नंबर तक नहीं आया। मरीजों ने कहा कि डॉक्टर अपने कैबिन में बैठते तक नहीं हैं। गेट के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी रहती है। 4-4 घंटे मरीज इंतजार करके वापस चले जाते हैं। कभी वीआईपी ड्यूटी तो कभी कोर्ट का बहाना बनाते हैं।
सीएमओ डाॅ. संतलाल वर्मा ने कहा कि एक डॉक्टर कोर्ट में चल रहे केस के मामले में गए हैं। एक डॉक्टर पोस्टमार्टम के लिए गए हुए हैं। डॉक्टरों को रूटीन समय में सरकारी काम भी करने होते हैं। मरीजों ने कहा कि डॉक्टर 2 बजे के बाद सरकारी काम करें। मरीजों के साथ आए एक सीआईडी ऑफिसर ने कहा कि जल्द ही आप डॉक्टर की ड्यूटी लगाएं। नहीं तो मजबूरन हमें रिपोर्ट बनाकर ऊपर भेजनी होगी। जब मरीज मांग पर अड़े रहे तो सीएमओ ने तुरंत एक डॉक्टर को अल्ट्रासाउंड करने के लिए भेजा। उसके बाद ही मरीज शांत हुए। बता दें कि मंगलवार को भी मरीजों को इंतजार करने के बाद घर लौटना पड़ा था। क्योंकि कैबिन में डॉक्टर ही नहीं था। डॉक्टर कोर्ट में चल रहे एक केस में गए हुए थे। मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लंबी-लंबी तारीख मिलती है।
पानीपत. सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड न होने से मरीजों ने किया हंगामा।
इधर, डेंगू से बचाव के लिए किया जागरूक
पानीपत | सिविल अस्पताल में डेंगू दिवस पर ओपीडी के लिए आए मरीजों को डॉक्टरों की टीम ने डेंगू के खिलाफ जागरूक किया।
सिविल सर्जन डाॅ. संतलाल वर्मा ने कहा कि डेंगू से बचने का एकमात्र उपाय है जागरूकता। शहर के हर नागरिक का जागरूक होना जरूरी है। क्योंकि डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है। मच्छर पनपेगा तो हमारा खून बहेगा। ये डेंगू मच्छर दिन में सबसे ज्यादा काटता है। अपने घर, ऑफिस कार्यालय व स्कूल जैसी जगहों पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। सीएमओ ने बताया कि सुबह ओपीडी में आए मरीजों की संख्या 150 से 200 की थी। उन्होंने बताया कि अत्यधिक ठंड लगने के साथ अचानक तेज बुखार, सिर दर्ज होना, शरीर पर लाल व गुलाबी रंग के चकत्ते पड़ जाना, कमजोरी लगना, भूख न लगना, जी मिचलाना, डेंगू के गम्भीर स्थिति में नाक, मुंह, गुर्दा, मूत्र नली इत्यादि से रक्त बहना, कभी-कभी रोगी का बेहोश हो जाना। ये सभी लक्षण अगर किसी व्यक्ति के अंदर पाये जाते हैं तो ये डेंगू के लक्षण हो सकते हैं। इस दौरान डाॅ. आलोक जैन, डाॅ. नवीन सुनेजा, डाॅ. मनीष पाशी, डाॅ. तनुजा वर्मा व डाॅ. विजय मौजूद रहे।