एक साल से ड्रेन की नहीं हुई सफाई, आधा किमी क्षेत्र के लोग दुर्गंध से हो रहे परेशान
कुटानी रोड स्थित राजीव कॉलोनी क्षेत्र के नाले की सफाई एक साल से नहीं होने के कारण इलाके के लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। दुर्गंध और मच्छरों ने जीना दुश्वार कर दिया है। जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। लोगों में आक्रोश पनप रहा है।
सेक्टर-8 से सेक्टर- 29 तक के बीच नाले का निर्माण करीब तीन साल पहले कराया गया था। ताकि गंदे पानी की निकासी प्रभावित न हो सके। नाला करीब 10 फुट गहरा और 15 फीट चौड़ा है। नाले में कोई बच्चा या वाहन चालक न गिर पड़े इसके लिए करीब एक साल पहले नाले की बाउंड्री पर जाल लगवा दिया गया। वर्तमान हालात में राजीव नगर कॉलोनी के आधा किलोमीटर क्षेत्र का आलम यह है कि नाला कूड़े से भर गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश का मौसम पास आ रहा है। ऐसे में नाले की सफाई नहीं हुई तो यह बड़ी परेशानी खड़ी कर देगा। नाला ओवरफ्लो होगा। गंदा पानी घरों में घुस जाएगा। नाले में मरे हुए पशुओं को भी फेंक दिया जाता है। इससे और भी दिक्कत होती है। इलाके में दुर्गंध के कारण परेशानी हो होती है। मच्छरों ने जीना दुश्वार कर दिया है। बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। नाले की सफाई कराने के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों और निगम के अधिकारियों से संपर्क किया गया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
लोग बोले- मच्छर अधिक होने से बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है
टोकने पर लड़ने लगते हैं लोग
कॉलोनी के लोगों का कहना है कि आसपास इलाके के लोग भी इस नाले में रात काे कूड़ा फेंक जाते हैं। टोकने पर वह लड़ने लगते हैं। इसको लेकर भी शिकायत की गई।
जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं देते
नाले में गंदगी भरी होने के कारण इलाके में मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। दुर्गंध आती है। बच्चाें को घर के बाहर नहीं खेलने देते हैं। जिम्मेदार अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। हनीफ, राजीव नगर कॉलोनी
जाल ऊंचा, नहीं हो पाती सफाई
जाल की ऊंचाई अधिक है। इस कारण सफाई करना मुश्किल है। इलाके के लोगों ने जाल की ऊंचाई कम करने का सुझाव दिया था लेकिन इस पर भी कोई विचार नहीं किया गया। रामस्वरूप, राजीव नगर कॉलोनी
कुटानी रोड ड्रेन 1 में जाली लगने से सफाई न होने पर फैली गंदगी।
सफाई के लिए सूचित कर दिया : मेयर
नहरी विभाग को ड्रेन की सफाई के लिए सूचित कर दिया गया है। बावजूद इसके सोमवार तक सफाई कार्य शुरू नहीं कराया गया तो लिखित में निर्देश जारी किए जाएंगे। सुरेश वर्मा, मेयर, नगर निगम, पानीपत