प्याज के रेट गिरे बेचने की जगह भंडारण करने में जुटे किसान
पानीपत | किसानों के लिए समस्याओं की कमी नहीं है। टमाटर के रेट गिरने से जहां किसान परेशान थे, वहीं अब प्याज ने किसानों को रुलाना शुरू कर दिया है। प्याज के रेट भी गिर गए हैं और मंडियों में किसानों का प्याज 3 से 4 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। इसमें उनका खर्च भी नहीं निकल रहा है। ऐसे में काफी किसान बेचने की जगह भंडारण करने में ही फायदा समझ रहे हैं। यमुना के साथ लगते गांवों में तो प्याज का किसानों ने स्टोर करना शुरू कर दिया है। इसके लिए भी किसानों अतिरिक्त खर्च भी करना पड़ रहा है लेकिन, उम्मीद है कि कुछ माह के बाद रेट बढ़ जाएंगे और उस समय इन्हें बेच कर इस खर्च की भरपाई हो पाएगी।
एक कहानी से समझिए किसानों की व्यथा
यमुना से लगते गांवों में अभी प्याज की काफी खेती हो रही है। वहीं के 12वीं पास अनीश चंद ने बताया कि प्याज का रेट अभी गिरा हुआ है और खर्च भी नहीं निकल रहा। इसलिए पढाई के बाद रोज दोपहर बाद महिला मजदूरों को लेकर प्याज साफ कराकर जमा करा रहा है। कहता है जब भाव बढ़ेंगे तो ही इन्हें बेचेगा। उसका सपना आर्मी में भर्ती होने का है, जिसकी वो तैयारी कर रहा है। अनीश ने प्याज को स्टोर करने का नया तरीका निकाला है। खेत में छोटी-छोटी झोपड़ी बनाई हैं जिनमें हवा जाती रहे और प्याज खराब न हो।
31 हजार हैक्टेयर में होता है प्याज
हरियाणा में वर्ष 2016-17 के बागवानी विभाग के रिकॉर्ड अनुसार 31005 हैक्टेयर में प्याज की खेती की जाती है। इस दौरान 682936 टन प्याज का उत्पादन हुआ था। उत्पादन बढ़ने से मंडी में प्याज 300 से 350 रुपएक्विंटल बिक रहा है।
भावांतर का सहारा: प्याज को भी इस बार सरकार ने भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया हुआ है। इसमें रजिस्ट्रेशन का समय 20 दिसंबर से 28 फरवरी था और अब अप्रैल मई में प्याज की बिक्री होती है। इस योजना में प्याज का रेट 500 रुपए प्रति किवंटल निर्धारित किया गया है।