कुटानी गांव के तालाब की जमीन पर अवैध कब्जे, निकासी नहीं होने से घरों अौर गलियों में भर रहा पानी
कुटानी गांव में तालाब (जोहड़) की जमीन पर लगातार अवैध कब्जे हो रहे हैं। इसकी वजह से गंदे पानी निकासी के रास्ते बंद होने घरों के आगे व गलियों में गंदा पानी भरा है। लंबे समय तक घरों के आगे गंदा व बदबूदार पानी जमा रहने से क्षेत्र में मलेरिया, उल्टी, दस्त व बुखार जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। बच्चों का घरों से बाहर खेलना व बुजुर्गों का गलियों से गुज़रना बंद होने के कारण ये तो घरों मेें ही कैदियों जैसा जीवन यापन करने को ही मजबूर हो गए हैं। तालाब के पास ही बनी चौपाल में भी गंदे पानी के कारण लोगों का आना जाना बंद हो गया हो गया है।
एक्सईएन बोले- पंचायत लिखकर दे तो उठाएंगे कदम : पंचायत एक्सईएन केवी शर्मा ने कहा कि कुटानी गांव का दौरा कर चुके हैं। यह समस्या लोगों ने भी रखी थी। उसी समय गांव के सरपंच को निर्देश दिए थे कि वे तालब की जमीन को कब्जा मुक्त करवाने और पानी निकासी के रास्तों के बारे में लिखकर देंगे तो जरूर कार्रवाई करेंगे। लेकिन सरपंच ने लिखकर नहीं दिया है। ऐसे में काम कैसे होंगे। जिस दिन भी पंचायत लिखकर देगी उसके साथ ही कार्रवाई होगी।
सरपंच बोले- क्षेत्रवासी लिखकर दें : सरपंच मोनिका का कहना है कि इस बारे में क्षेत्रवासियों को ही लिखकर देना होगा। वे डीसी से लिखित शिकायत करेंगे तो वहां से इन्क्वायरी गांव में आएगी। उस समय पंचायत की जो-जो जिम्मेदारी होंगी, सब पूरी करेगी। लोगों के साथ समस्या है ताे उन्हें आगे चलना हाेगा, पंचायत तो उनके साथ चलेगी।
ग्रामीण बोले- कई अधिकारियों को लिखकर दे चुके हैं
ग्रामीण धर्मपाल वाल्मीकि,सतबीर वाल्मीकि , राजेश, जोगिंद्र मलिक, विक्की, सोनू कुटानी, बजिंद्र, गिरदारी व अनिल का कहना है कि तालाब की जमीन पर लगातार अवैध कब्जे बढ़ रहे हैं। इससे गंदे पानी की निकासी के रास्ते बंद हो गए हैं। इससे बहुत परेशानी हो रही है। इसकी शिकायत पंचायत, बीडीपीओ व अन्य अधिकारियों से की जा चुकी है। कोई सहयोग को तैयार नहीं है।