जिले में 4 बाल विवाह रुकवाए, 5 नाबालिग मिले
महिला सुरक्षा अधिकारी एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी की टीम ने अक्षीय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह रोकने और लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाया। इस अभियान के चलते जिले में 4 बाल विवाह रोके गए। जिसमें लड़के लड़कियों समेत कुल 5 नाबालिग मिले। सही शादियों को रुकवा कर परिजनों और आयु प्रमाण पत्रों के साथ महिला थाने में बुलाया गया है।
महिला सुरक्षा अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि अक्षीय तृतीया के अवसर शादियों का सीजन शुरू होता है और शुरुआत में ज्यादा शादी होती हैं। ऐसे में बाल विवाह न हो जाएं इसके लिए हमने जिले में अभियान चलाया था। जिसके लिए उनकी टीम में एसपीओ पूनम, सुकेश, प्रदीप, हैड कांस्टेबल महेंद्र और तरसेम आदि शामिल थे। उन्हें जिस भी जगह से शादियों की जानकारी मिली सभी जगह जाकर आयु की वेरिफिकेशन की और बाल विवाह रुकवाए। जो भी बाल विवाह हो रहे थे उनमें सामने आया कि कोई परिवार गरीबी के चलते लड़की की शादी कम उम्र में कर रहा था तो किसी को बल विवाह कानून की जानकारी नहीं थी। जिस पर उन्हें इस कानून की जानकारी मौके पर ही दी गई।
महिला सुरक्षा अधिकारी एवं बाल विवाह निषेध टीम ने चलाया अभियान
सनौली के झांबा गांव में एक परिवार अपनी लड़की की शादी कर रहा था। टीम ने जाकर आयु प्रमाण पत्रों की जांच की तो लड़की नाबालिग मिली। परिजनों ने बताया कि वो फैक्ट्री में काम करके गुजारा चलाते हैं। उनकी चार लड़की हैं इसलिए समय से शादी का काम निपटाना चाहते थे। यहां बारात सोनीपत के मिमारपुर गांव से आ रही थी, लेकिन उन्हें जानकारी देकर बारात को रास्ते से ही वापस भेज दिया गया। परिजनों को शादी ने करने के निर्देश दिए गए हैं और कार्रवाई के लिए महिला थाने आने को कहा गया है।
केस-1
विकास नगर में 19 अप्रैल को शादी होनी थी। सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची तो लड़की की उम्र केवल 15 वर्ष मिली। यहां पर बारात सिवाह गांव से आनी थी। परिजनों से बात करने पर सामने आया कि उसका भाई अपनी लड़की की शादी कर रहा था तो उन्होंने सोचा कि एक ही खर्चे में दो शादी हो जाएगी, इसलिए वो भी लड़की की शादी कर रहे थे। महिला सुरक्षा अधिकारी रजनी गुप्ता ने उन्हें निर्देश दिए कि लड़की के बालिग होने तक शादी न की जाए।
केस-2
पानीपत. झांबा गांव में नाबालिग लड़की की शादी रुकवाते समय पूछताछ करतीं जिला प्रोटेक्शन अधिकारी रजनी गुप्ता।
कचरोली गांव में लड़की की शादी 20 अप्रैल को होनी थी। जांच करने पर सामने आया कि लड़की नाबालिग है और 9 वीं कक्षा तक पढ़ी हुई थी। बारात बबैल गांव से आनी थी। परिजनों ने बताया कि गरीबी के चलते वो लड़की की समय से शादी कर रहे थे। फिलहाल शादी पर रोक लगा दी गई और परिजनों पर आयु प्रमाण पत्रों के साथ गुरुवार को महिला थाने में बुलाया है।
केस-3
वीवर्स काॅलोनी में लड़की की शादी की जा रही थी। मौके पर जाने पर खुद परिजनों ने मान लिया कि उनकी लड़की अभी नाबालिग है। लेकिन उन्हें बाल विवाह कानून का की ज्ञान नहीं है, इसलिए वो शाद कर रहे थे। टीम ने उन्हें मौके पर ही इस कानून के बारे में जागरूक किया। शादी पर फिलहाल रोक लगा दी गई है और परिजनों को महिला थाने बुलाया गया है।
केस-4