काम नहीं करने पर डांटा तो पूर्व पार्षद की पत्नी के साथ भतीजे ने दी जान
शहर की देसराज कॉलोनी में रहने वाले पूर्व पार्षद व आरटीआई एक्टिविस्ट जोगेंद्र स्वामी की प|ी और भतीजे ने सोमवार देररात रेलवे ट्रैक पर एक साथ सिर रख कर सुसाइड कर लिया। बताया जा रहा है कि परिवार वालों ने उन्हें डांटा था जिसके बाद गुस्से में आकर दोनों ने यह कदम उठाया। जीआरपी थाना पुलिस ने मंगलवार सुबह सिविल अस्पताल में शवों का पोस्टमार्टम करवाया और परिजनों को सौंप दिया। परिवार के बयानों के आधार पर पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 174 की कार्रवाई की है। जीआरपी पुलिस के अनुसार उन्हें सोमवार देर रात सूचना मिली थी कि देवी लाल पार्क के पीछे की तरफ रेलवे ट्रैक पर दो शव सिर कटे हुए पड़े हैं। शवों को कब्जे में लिया और सिविल अस्पताल भेजा। सुबह उनकी पहचान देसराज कॉलोनी निवासी 37 वर्षीय मोनिका प|ी जोगेंद्र स्वामी और उसके भतीजे 23 वर्षीय रोहित पुत्र बिजेंद्र के रूप में हुई।
देवी लाल पार्क के पीछे रेलवे ट्रैक पर चाची-भतीजे के गर्दन कटे शव मिले
रात 9 बजे ट्रैक पर दोनों ने एक साथ रख दिए थे सिर
जीआरपी थाना पुलिस को मृतकों के परिजनों ने बयान दिए कि रोहित को उसके पिता ने सोमवार दोपहर बाद धमकाया था, क्योंकि वह काम पर ध्यान देने की बजाय घूमता रहता था। इस पर उसकी चाची मोनिका ने उसका पक्ष लेते हुए कहा था कि अभी बच्चा है, काम भी करने लगेगा। यह बात शाम को जब मोनिका के पति जोगेंद्र स्वामी को पता चली तो उसने अपनी प|ी को डांटा कि वह बच्चे को न बिगाड़े और काम पर ध्यान देने दे। इस बात से गुस्सा होकर चाची व भतीजा दोनों रात करीब सवा 9 बजे देवी लाल पार्क केे पीछे रेलवे ट्रैक पर पहुंचे। जहां दोनों ने ट्रैक पर सिर रख ट्रेन से सुसाइड कर लिया।
आरटीअाई एक्टिविस्ट भी हैं स्वामी
जोगेंद्र स्वामी पानीपत की देशराज काॅलोनी में रहते हैं। वो पानीपत में जिला परिषद के पार्षद रहे हैं। वे खुद को आरटीआई एक्टिविस्ट बताते हैं और विभिन्न विभागों की आरटीआई लगाकर उनमें घोटालों और गड़बड़ के लगातार मामले सामने लाते रहे हैं। मेयर विवाद से लेकर शहर के कई अन्य विवादों से भी उनका नाम लगातार जुड़ता रहा है।
परिजनों के बयान पर कार्रवाई
जीआरपी थाना के जांच अधिकारी कृष्ण ने बताया कि उन्हें सोमवार देर रात सूचना मिली थी कि ट्रैक पर दो शव सिर कटे पड़े हैं। दोनों ने ट्रैक पर अपने सिर रखे थे जिससे ट्रेन के नीचे आने से उनके सिर कटे गए थे। उनके पास किसी तरह का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिजनों ने जो बयान दिए हैं उनके आधार पर कार्रवाई करके शव उन्हें सौंप दिए हैं।