शुगर मिल की जगह पर एससीओ, मॉल व सरकारी कार्यालय बनाकर नई मिल के लिए जुटाएंगे राशि
गोहाना रोड पर स्थित वर्तमान पानीपत शुगर मील की जगह को शॉपिंग कॉम्प्लेक्स कम ऑफिस (एससीओ), मॉल, सरकारी विभागों के कार्यालय व उद्योग स्थापित करने के लिए प्लाॅट के रूप में टुकड़ों में बेचकर इससे होने वाली आमदनी ने नई शुगर मिल के लिए राशि जुटाई जाएगी। इसके लिए हुडा के रोहतक जोन के एडमिनिस्ट्रेटर, एस्टेट ऑफिस पानीपत, एक्सईएन, एमडी शुगर मील व डीटीपी ने बैठक करके इस पर चर्चा की।
पानीपत शुगर मिल के एमडी बीर सिंह ने बताया कि पानीपत सहकारी मिल को डाहर गांव में करीब 74 एकड़ में आधुनिक तरीके से स्थानांतरण करने की योजना है। नए शुगर मिल निर्माण में करीब 400 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस राशि को जुटाने के लिए वर्तमान मिल की जगह को बेचकर राशि जुटाने की योजना है। इसमें रिहायशी क्षेत्र की बजाय कॉमर्शियल साइट्स बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है।
प्रथम चरण में खाली जगह में साइट्स निर्माण
मिल की 70 एकड़ जमीन है। इसे दो चरणों में बेचा जाएगा। प्रथम चरण में मील की जो जगह खाली पड़ी है, उसमें साइट्स बनाई जाएंगी। इससे जो राशि मिलेगी, उससे नए आधुनिक मिल का निर्माण होगा। दूसरे चरण में मशीनों वाली जगह को खाली करके उसमें समतल करके इसी तरह से साइट्स बनाई जाएंगी।
मिल की अनुमानित लागत से दोगुना राशि की उम्मीद
मिल की जगह को मार्केट रेट पर भी बेचा जाए तो भी इससे नए मिल के निर्माण में खर्च हाेने वाली अनुमानित लागत से ज्यादा राशि मिलने की उम्मीद है। 70 एकड़ जमीन को 20 हजार प्रति वर्ग गज के हिसाब से बेचा जाए तो 677 करोड़ रुपए मिलेंगे।
उर्दू से हिंदी में रजिस्ट्री कराने पर हुआ था विवाद
मिल की जमीन की रजिस्ट्री उर्दू में थी। इसे हिंदी में कराने के साथ विवाद खड़ा हो गया था। इसमें पता चला था कि यह जमीन तो किसी व्यक्ति ने शुगर मिल के लिए दान में दी थी।
यह है शुगर मिल की क्षमता : वर्तमान शुगर मिल की क्षमता 18 हजार क्विंटल प्रतिदिन पेराई करने की है। नई मिल की क्षमता 35 हजार क्विंटल प्रतिदिन होगी। इससे 18 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी होगा। वहीं, डिस्टलरी की क्षमता भी 30 किलोलीटर प्रतिदिन (केएलपीडी) से बढ़ाकर 45 केएलपीडी की जाना प्रस्तावित है।