सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने को मिल रही दो महीने की तारीख
सिविल अस्पताल के हालात ठीक नहीं है। पर्ची बनवानी है तो लाइन में लगो, डॉक्टर से मिलने के लिए लाइन में लगो और फिर दवा लेने के लिए लाइन में लगो। अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए अस्पताल आए हो तो दो-दो महीनों तक इंतजार करना पड़ता है। चाहे उस दौरान मरीज की हालत ही क्यों न खराब हो जाए। 1 से 9 अप्रैल तक अल्ट्रासाउंड मशीन खराब पड़ी रही। चेन्नई से मशीन का पार्ट मंगवाया गया। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की एक मशीन होने के कारण मरीजों को लंबी तारीख मिलती है। शुक्रवार को आने वाले मरीजों को 7 जून तक की तारीख मिल रही है। इनमें में सबसे ज्यादा गर्भवती महिलाएं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में ये हालात हर रोज देखने को मिलते हैं।अस्पताल में मरीजों की लंबी लाइन लगना आम बात है। सुबह 8 बजे ही मरीजों की लंबी-लंबी लाइन लगनी शुरू हो जाती है। और कुछ मरीज का तो नंबर ही नहीं आ पाता है। जिससे उन्हें बिना इलाज के घर वापस लौटना पड़ता है। यहां पर आने वाले मरीजों के बैठने के लिए पर्याप्त बंदोबस्त नहीं है। जिससे मजबूरन उन्हें जमीन पर ही बैठना पड़ता है।
सिविल अस्पताल में रोजाना 150 से ज्यादा मरीज अल्ट्रासाउंड कराने के लिए आते है परंतु रोजाना 80 से 90 मरीजों की ही ओपीडी हो पाती है। जिससे बाकी मरीजों को इंतजार कर वापस घर लौटना पड़ता है। शुक्रवार को करीब 140 मरीज आए उनमें से 41 साधारण व 32 गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड हो पाया। सीएमओ सुखबीर सिंह ने कहा कि एक नई अल्ट्रासाउंड मशीन की डिमांड हमनें भेज रखी है। मशीन आने के बाद मरीजों को राहत मिलेगी। और लंबी तारीख नहीं मिलेगी। जल्द ही नई बिल्डिंग के लिए अल्ट्रासाउंड मशीन आ जाएगी।