‘भारत भूमि को छोड़ संसार की भूमि भोग भूमि है’
भारत भूमि को छोड़़कर बाकी संसार की भूमि भोग भूमि है। भारत की भूमि में बड़े-बड़े तपस्वी तपस्या करते हैं। जिनका इस भूमि में जन्म होता है, वे बड़े ही भाग्यशाली होते हैं।
इसलिए हम सभी को इस पावन धरती पर जन्म लेने पर गर्व होना चाहिए और भगवान श्री कृष्ण की भक्ति में मन लगाकर जीवन व्यतीत करना चाहिए। ये बातें कथा के दौरान साक्षी गोपालदास महाराज ने इस्काॅन कुरुक्षेत्र एवं इस्काॅन प्रचार समिति पानीपत की श्रीमद्भागवत कथा एवं भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव के चौथे दिन बुधवार को कही। उन्होंने कहा कि विदेशों में धर्म व शिष्टाचार नाम की कोई चीज नहीं है। वहां के लोग सिर्फ भोग विलास में ही रुचि रखते हैं।
हरे कृष्णा महामंत्र कलयुग का प्रभावशाली मंत्र है। यह मंत्र मनुष्य के जीवन से कलि के प्रभाव को दूर करने वाला है। इसलिए जो व्यक्तबि इसका जाप किता है उसके जीवन में आने वाली बाधाएं हमेशा के लिए मिट जाती है। इस मंत्र के जाप से मनुष्य के जीवन में खुशहाली आती है। इससे पूर्व सेक्टर-12 में राजेश गोयल के निवास स्थान से प्रभात फेरी शुरू होकर विभिन्न गलियों व सड़कों से होती हुई स्थानीय लोगों को प्रेरित करती हुई हरीश के निवास स्थान पर पहुंचकर संपन्न हुई। इस अवसर पर सुंदर लाल चुघ, राज कुमार माटा, आशु गुप्ता, संजय मंगला, सोनू गर्ग, प्रदीप बंसल, अशोक गोयल, जयकुमार गोयल, भुवन चुघ व राम प्रसाद जैन मौजूद रहे।
पानीपत. सेक्टर-12 के सामुदायिक केंद्र में इस्काॅन की श्रीमद्भागवत कथा में उपस्थित श्रद्धालु।