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‘परशुराम के शौर्य की तरह करें नेतृत्व’

3 वर्ष पहले
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भगवान परशुराम मंदिर (सनौली रोड) में आयोजित परशुराम जन्मोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को स्वामी दयानंद सरस्वती ने कहा कि जयंती उनकी मनाई जाती है जो आकर चले जाते हैं। जन्मोत्सव उनका होता है कि जो अमर होता है। इस मौके पर अक्षय तृतीया भी मनाई गई।

स्वामी दयानंद ने परशुराम के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ब्राह्मणों में अभिमान नहीं स्वाभिमान अवश्य होना चाहिए। परशुराम जी भी जब भगवान राम के सामने आए तक निर्भय होकर गए थे। दर्शाया था कि मैं जैसा हूं वैसा ही आप स्वीकार करो। कांता देवी महाराज ने कहा कि जिस प्रकार भगवान परशुराम ने 21 बार धरती को पाप मुक्त किया था। विधायक रोहिता रेवड़ी ने धर्मशाला के लिए 11 लाख रुपए देने की घोषणा की। आह्वान किया कि भगवान परशुराम के शौर्य की तरह समाज का नेतृत्व करें।

इस अवसर पर डाॅ. महेन्द्र शर्मा, भगवान दास, युधिष्ठिर लाल शर्मा, सत्यनारायण शर्मा, वेद प्रकाश शर्मा, वीरेंद्र सोनी, सूरज पहलवान, चंद्रभान वर्मा, ओम जुनेजा, सतीश ढींगड़ा, सुरेश, देवेंद्र दत्ता, गौरव शर्मा, कैलाश लूथरा, लीला कृष्ण भाटिया, मदन डुडेजा, निरंजन पराशर, गणपत खुराना, पिंकल शर्मा, लाल चंद गोस्वामी, अश्विनी शर्मा आदि मौजूद रहे।

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