शहर के पेट्रोल पम्प पर फिल्टर पेपर तो है लेकिन कोई मांगता नहीं है। फिल्टर पेपर क्या होता है वाहन चालकों को यह तक पता नहीं है। फिल्टर पेपर मांगना और वहीं पेट्रोल की जांच करना यह चालक का अधिकार है। अगर फिलिंग स्टेशन संचालक फिल्टर पेपर देने से इनकार कर दें तो समझ जाइए कि उस पम्प के पेट्रोल में मिलावट की गई है।
शहर में पेट्रोल पम्प पर शुक्रवार को दैनिक भास्कर की टीम ने जीटी रोड स्थित एचटीसी स्काईलार्क और मार्डन फिलिंग स्टेशन पर पहुंच फिल्टर पेपर मांगा तो मैनेजर ने फिल्टर पेपर दे दिए। टीम ने वहीं पेट्रोल की जांच भी की। दोनों पम्पों पर पेट्रोल शुद्ध मिला। पम्प संचालकों ने दावा करते हुए कहा कि आज तक किसी ने फिल्टर पेपर मांगा ही नहीं है। इससे साफ होता है कि वाहन चालकों को पता ही नहीं है कि फिल्टर पेपर क्या होता है और उसका प्रयोग किस चीज के लिए किया जाता है। जबकि सरकार ने आदेश दिए हुए हैं कि वाहन चालक पेट्रोल पम्प संचालक ने फिल्टर पेपर मांगने का हक रखता है। साथ ही वहीं उसे प्रयोग कर सह चेक कर सकता है कि पेट्रोल में मिलावट है कि नहीं।
फिल्टर पेपर पर पेट्रोल की तीन- चार बूंद डाल दीजिए। पांच मिनट इंतजार करें। अगर सफेद रंग के फिल्टर पेपर पर दाग आ जाता है तो उस पेट्रोल में मिलावट की गई है। अगर दाग नही बनता तो साफ है कि पेट्रोल शुद्ध है।