10308
कुल विद्यार्थी
परिणाम
6746
विद्यार्थी पास हुए
भास्कर न्यूज | पानीपत
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने शुक्रवार को 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया। इस बार का जिले का पास प्रतिशत 65.44 प्रतिशत रहा। पिछले साल की तुलना में पास प्रतिशत 3.81 कम हो जाने के कारण पानीपत जिला 7वें स्थान से 9वें स्थान पर खिसक गया। शिक्षा विशेषज्ञों ने इसका मुख्य कारण जिले में 550 लेक्चरर की कमी बताया। विशेष रूप से जिले में कॉमर्स के शिक्षक न के बराबर ही हैं। रोहतक ने 65.71 प्रतिशत परिणाम पाकर पानीपत को 7वें स्थान से 9वें स्थान पर धकेल दिया। पिछले साल का पास प्रतिशत 3 सालों में सबसे बेहतर होने के कारण पानीपत जिला 15वें स्थान से 7वें नंबर पर पहुंचा था।
साल में 119 दिन लगी कक्षाएं, सरकारी योजनाओं की ब्रांडिंग में लगे रहे शिक्षक इसलिए 3.81% गिरा रिजल्ट, 7 से 9वें स्थान पर खिसके
1737
कंपार्टमेंट/फेल
65.44%
पास हुए परीक्षा में
प्रदेश में सेंक्शन हैं 35000 प्राध्यापकों की पोस्ट
जिले में 1600 प्राध्यापकों की जरूरत हैं। इनका काम 950 प्राध्यापक चला रहे हैं। 550 प्राध्यापकों की अभी भी जरूरत है। काॅमर्स के प्राध्यापक तो जिले में ना के बराबर ही हैं। प्रदेश की बात करें तो प्राध्यापकों की 35000 पोस्ट सेंक्शन हैं। इन पर 25000 प्राध्यापक ही है।
4 सालों का पास प्रतिशत
59.20
59.62
2015
2016
विक्टर पब्लिक स्कूल में खुुशी मनाती छात्राएं।
69.25
65.44
2017
2018
अभिषेक, लक्ष्य और शिवानी ने बढ़ाया मान
फैक्ट्री में मजदूर पिता कहते हैं मालिकों काे बाऊ बोलता हूं बेटे काे उन्हीं की तरह देखना चाहता हूं : अभिषेक का कहना है कि पिता पप्पू एक धागा फैक्ट्री मजदूरी करते हैं। मां पिंकी गृहिणी है। पिता अक्सर कहते हैं कि फैक्ट्री के मालिकों व अधिकारियों को हमेशा ही बाऊ बोलकर नमस्ते करता हूं। मुझे वे उन्हीं की तरह कोट-पैंट व टाई पहनने वाला बाऊ बनाना चाहते हैं। साफ्टवेयर इंजीनियर बनकर पिता का यह सपना पूरा करना है। यही सफलता का मंत्र हैं।
अभिषेक
500
95%
475
नॉन मेडिकल, नेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल
ऐसे कैसे सुधरेगा परिणाम? सरकारी योजनाओं के बखान में लगने से हुआ बंटाधार
शिक्षा सत्र 2017-18 में अप्रैल से मार्ग तक 324 दिन बनते हैं। इनमें से 125 दिन विद्यार्थियों ने 10 प्रकार की सरकार की योजनाओं की ब्रांडिंग में ही बिता दिए। इनमें गीता जयंती, दीन दयाल उपाध्याय जयंती, 25 दिन स्वर्ण जयंती उत्सव, बीएलओ व सुपरवाइजर में शिक्षकों की ड्यूटी व कभी बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कभी यातायात नियमों की रैलियों में 125 दिन बिताए गए। इनके अलावा 48 रविवार व 32 धार्मिक आयोजनों की छुट्टियों में गए। बाकी 119 दिन ही स्कूलों में कक्षाएं लग पाई। इस बारे में हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन के जिला प्रधान संजीव दहिया ने कहा कि सरकार की योजनाओं का बखान करने व धार्मिक आयोजनों से विद्यार्थियों को दूर रखा जाना चाहिए।
रिजल्ट से संबंधी खबर पेज 6 पर भी
पढ़ाई के समय केवल पढ़ाई ही की : लक्ष्य का कहना है कि पढ़ाई के समय केवल पढ़ाई ही की। जब खेलने का मौका मिला तो जी भरकर खेला भी। कक्षा मेें जो समझाया उसी में ध्यान दिया। इसी सोच को जीवन में आगे बढ़ते हुए जीवन के सामने साकार करने का सपना संजोया है। अभी तो यह जीवन का पहला इम्तिहान पास किया है। आगे भी इसी प्रकार कामयाबी हासिल करनी है। उम्मीद है कि आने वाले परीक्षा परिणामों में भी मैं इसी तरह मेहनत करके अच्छा प्रदर्शन करूंगा।
लक्ष्य
500
94.2%
471
नॉन मेडिकल, नेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल
मोबाइल और वॉट्स एप से बनाई दूरी: शिवानी का कहना है कि जीवन की कामयाबी में सबसे बड़ी बाधा आज मोबाइल पर वॉट्स एप चैटिंग है। कामयाबी पाने के लिए इससे दूरी तो जरूरी हो गई है। कुटानी निवासी शिवानी के पिता प्रदीप मलिक किसान है। शिवानी कहती है कि पिता ने मुझे पढ़ाई की पूरी छूट दे रखी है। उनका हर तरह से मान बढ़ाना है। कामयाबी का मंत्र तो यही है कि जिस भी विषय को पढ़ा उसे पूरी तरह से समझा और घर पर उसका अभ्यास किया।
शिवानी
500
93.6%
468
कॉमर्स, डॉ. आरके पब्लिक स्कूल कुटानी रोड