उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने शुक्रवार सुबह बरसत रोड स्थित ड्रेन के पास 6 एकड़ भूमि पर लगभग 40 करोड़ की लागत से बनाए गए संयत्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा- निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा कि कम लागत में पानी का शुद्ध करने की योजना बनाकर जल्द से जल्द दें।
उपायुक्त ने सम्बंधित अधिकारियों के साथ बैठक को भी सम्बोधित किया। बताया कि इस जलशोधन संयत्र की क्षमता प्रतिदिन 30 एमएलडी पानी शुद्ध करने की है। उपायुक्त ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि इस जलशोधन संयत्र के सभी कार्य 15 जून से पूर्व पूरे कर लिए जाए। यह भी कहा कि जल ही जीवन है। जल के बिना प्राणी और पौधे जीवन नही जी सकते। इसी के दृष्टिगत हरियाणा सरकार ने वर्षा जल के संरक्षण करने व भूमिगत जल स्तर को बनाए रखने के लिए हरियाणा लाभ विकास प्राधिकरण का गठन किया है। जिस तेजी से जल का दुप्रयोग हो रहा है। उसी तीव्रता से मीठे जल के स्त्रोत घट रहे हैं। यही नही उद्योगों से निकलने वाले कचरे से पर्यावरण का जितना नुकसान होता है उससे बहुत कम नुकसान प्राणियों के मल से होता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ऐसी कोई नई योजना तैयार करें जिस पर मामूली खर्च करके पानी को शुद्ध किया जा सके और इस पानी का कृषि कार्यो में उपयोग हो सके। उन्होंने कहा कि वे गुरुवार को यमुना का निरीक्षण किया था। तब पता लगा की यमुना में अभी भी गंदा पानी जा रहा है। इसलिए पानीपत शहर के औद्योगिक क्षेत्र व अन्य गंदे पानी को शुद्ध करने पर उनका विशेष ध्यान रहेगा। उन्होंने अधिकारियों से पुन: अनुरोध किया कि वे कम से कम खर्च पर पानी शुद्ध करने की योजना बनाकर उनके समक्ष प्रस्तुत करें। इस अवसर पर एचएसवाईपी एक्सीएन जगमाल सिंह और प्रोजेक्ट मैनेजर एसके बंसल ने उपायुक्त को बताया कि यह संयत्र पूरी तरह ऑटोमैटिक है जो सकाड़ा सिस्टम पर आधारित है। इस मौके पर एक्सीएन प्रेम सिंह सैनी व एसडीओ सुभाष गुप्ता भी मौजूद रहे।