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‘मां व बीवी दोनों की इज्जत करें, एक दुनिया में लेकर लाई है, दूसरी सारी दुनिया छोड़कर पास आई है’

3 वर्ष पहले
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मां और बीवी दोनों को हमेशा प्यार और इज्जत करनी चाहिए, क्योंकि एक तुम्हे दुनिया में लेकर लाई है अौर दूसरी सारी दुनिया छोड़कर तुम्हारे पास आई है। किसी दूसरे व्यक्ति के दुख से अगर आपको कोई दुख होता है तो समझो भगवान ने आपको मनुष्य बनाकर कोई गलती नहीं की। एक दूसरे के सुख दुख में साथ देना चाहिए। लेकिन वर्तमान समय में ऐसा नहीं हो रहा। वर्तमान में ऐसा है कि एक घर में दो परिवार है। लेकिन आपस में मन ही मन कोसते रहते रहते हैं। ये संदेश श्री गंगा धाम मंदिर के वार्षिक महोत्सव के तीसरे दिन में पंडित श्रीराधे महाराज ने दिया। उन्होंने कहा कि मनुष्य का जीवन अगर संपूर्ण जीवन सत्य पर आधारित हो तो समझा जाओ कि आप ने जीवन में आकर कोई भूल नहीं की है। भक्त भगवान को जिस भावना से भजता है, भगवान भी उसे उसी भाव से स्वीकार करते हैं। भगवान मनुष्य की भक्ति के भूखे हैं। भक्त के वश में है भगवान। जो भगवान को अपना मित्र बनाते हैं। इस अवसर पर सतपाल गर्ग, पं वेद शर्मा, निरंजन पाराशर, संजय मित्तल, ओम प्रकाश तागरा, रमेश मल्होत्रा, चमन लाल बजाज, अश्वनी वर्मा, कैलाश लूथरा, कृष्ण रेवड़ी, मुकेश शर्मा, नरेश सरदाना, राजू शर्मा, मुकेश शर्मा, विशाल शर्मा, अनिल वर्मा, अरुण वर्मा, विनोद मंगला मौजूद रहे।

गंगाधाम के वार्षिकोत्सव में रूद्राभिषेक के दौरान पूजा करते श्रद्धालु।

ये रहा विशेष

रविवार प्रात: काल में 108 श्रद्धालुओं ने द्वादश शिवलिंग पर रूद्राभिषेक किया। एसडीवीएम सीनियर विंग के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने अपने परिवार के साथ विधि विधान से पूजा की। पं वेद पाराशर ने पूजन के बाद सभी भक्तों को मंगल आरती कराई। उसके बाद भंडारे का आयोजन हुआ।

इतने पाप ना कमाओ की गंगा में भी न धुले और वह भी मैली हो जाए : धर्मपाल

पानीपत| जिन श्रद्धालुओं का धर्म-कर्म में मन लगता है, वे भगवान से जुड़े रहते हैं। फिर उनके हाथों से पुण्य के कार्य ही होते हैं। वो व्यक्ति किसी की निंदा नहीं करते। वो हर किसी को अपना बना लेते हैं। जीवन में इतने पाप कभी ना कमाओ की गंगा में धोने जाओ तो वे धुले भी नहीं और गंगा भी मैली हो जाए। ये संदेश धर्मपाल महाराज ने मेन बाजार में चल रही पुरुषोत्तम मास कथा में दिया। उन्होंने कहा कि कलयुग में हमें धर्म-कर्म से इसलिए जुड़ना चाहिए, क्योंकि अनजाने में भी मनुष्य से गलती हो जाती है। तो धार्मिक कार्यों से से ही गलती को आसानी से दूर किया जाता है। इस अवसर पर विनीत गर्ग, ओम प्रकाश नागपाल, प्रमोद गुप्ता, सुमन गोयल व प्रमोद शर्मा मौजूद रहे।

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