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‘बीते समय को भूल जाने में ही भलाई’

3 वर्ष पहले
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पानीपत| जीवन में ऐसा कोई भी जीव नहीं है जिसके जीवन में सुख दुख न हो। सुख और दुख हमारे जीवन का सार है। मनुष्य को हमेशा खुश रहने की वजह ढूंढनी चाहिए। छोटी-छोटी खुशी में वो बात होती है जो कई बार बड़ी-बड़ी खुशी में भी नहीं मिलती। जो समय बीत गया है उसे भूलने में ही भलाई है। दुख को जितना याद करोगे उतना ही दुख होगा। अस्पताल में रोगियों की दशा देखकर अपना रोग छोटा नजर आने लगता है। ये संदेश मेन बाजार स्थित धर्म ज्ञान सत्संग मंदिर में समिति द्वारा पुरुषोत्तम महायज्ञ व एवं पुरुषोत्तम मास कथा का चौथे दिन आचार्य धर्मपाल महाराज ने दिया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सांस 24 घंटे चलती है। उसी तरह 24 घंटे भगवान के नाम का सुमिरन भी हो सकता है। बस आप ह्रदय में भगवान के सुमिरन की इच्छा होनी चाहिए। दुख तब तक ही बड़ा लगता है। जब तक किसी दूसरे का दुख न देख लिया जाए। भगवान सुख के समय तो साथ रहते ही है। दुख के समय में आेर करीब आ जाते हैं। भगवान के नाम का सुमिरन मनुष्य कहीं भी किसी भी समय, किसी भी हाल में कर सकता है। भगवान के सामने चतुराई नहीं दिखनी चाहिए है। जीवन में सत्य बोलने की आदत डालो, क्योंकि जितना सत्य बोलोगे उतना ही सुख प्राप्त होगा। इस दौरान विनीत गर्ग, ओम प्रकाश नागपाल, प्रमोद गुप्ता, सुमन गोयल व अन्य मौजूद रहे।

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