बाबरपुर से पट्टीकल्याणा तक जीटी रोड किनारे 30 ढाबे अवैध रूप से चल रहे हैं। इन ढाबों के पास सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) नहीं है। रोजाना लाखों कमा रहे ढाबों पर सरकार की अब नजर गई है। सरकार ने सीएलयू लेने के लिए सख्ती कर दी है। एक सप्ताह का वक्त दिया गया है। अगर इस दौरान ढाबा मालिकों ने सीएलयू के लिए आवेदन नहीं किए तो फिर सील की कार्रवाई चलेगी। जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) अशोक गर्ग ने बताया कि जीटी रोड पर चल रहे बड़े और नामी ढाबों के लिए मालिकों ने सीएलयू तक नहीं लिए हैं। इसके लिए नोटिस दिया गया था। अब चंडीगढ़ मुख्यालय ने एक और सप्ताह का वक्त दिया है। अगले सप्ताह से कार्रवाई की जाएगी।
79 माइल स्टोन से लेकर सांझा चूल्हा के पास नहीं सीएलयू
डीटीपी अशोक गर्ग ने बताया कि पट्टी कल्याणा स्थित मन्नत ढाबा (अर्पणा ढाबा), झट्टीपुर स्थित 79 माइल स्टोन ढाबा और करहंस स्थित सांझा चूल्हा तक के पास सीएलयू नहीं है। ऐसे 30 बड़े ढाबे हैं जो बिना सीएलयू के चल रहे हैं।
इन ढाबों के पास सीएलयू नहीं
बाबरपुर स्थित गुरुनानक व बालाजी वैष्णो, सिवाह स्थित गुरुनानक वैष्णो, पर्ल, रसोई व सरदार, पसीना कलां स्थित रंगला पंजाब व मंगलदास, पसीना/झट्टीपुर स्थित फूड जंक्शन (जन्नत वैष्णो ढाबा), करहंस स्थित ए1/राणा, सादा चूल्हा, पंजाब हिमाचल, चंदन ढाबा, फूड गैराज व हरिओम वैष्णो, मनाना स्थित श्रीबालाजी ढाबा/दिल्ली दरबार, वाह जी वाह (पुराना 75 माइल स्टोन) और ग्रेट पंजाब, पट्टी कल्याणा स्थित पहलवान वैष्णो, महालक्ष्मी/कृष्टल/अंगीठी/, फिल्मी/मोती महल 3 स्टार, शिव गंगा वैष्णो, जय महाकाली, राजेंद्र सत्संगी और डीलक्स पंजाबी/जीसीआर, 70 माइल स्टोन, अन्नपूर्णा व खालसा पंजाब ढाबा।
ऑनलाइन कर सकते हैं सीएलयू के लिए आवेदन
सीएलयू के लिए टीसीपीहरयाणाडॉटजीओवीडॉटइन (tcpharyana.gov.in) पर आवेदन करना होगा। ऑनलाइन कागज जमा कराने होंगे। इसके साथ ही 10 रुपए प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से स्क्रूटनी फीस भी देनी होगी।