भाजपा जिला परिषद चेयरपर्सन आशु शेरा की कुर्सी खतरे में है। उनके पति भाजपा प्रदेश सचिव सत्यवान शेरा अपनी सरकार और पार्टी नेताओं के भरोसे बैठे हैं। सोमवार को भाजपा महिला मोर्चा बापौली मंडल अध्यक्ष सहित 11 जिला पार्षदों ने एडीसी कार्यालय में अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में हस्ताक्षर कर दिए। पिता के देहांत के कारण सोमवार को नहीं जा सके वार्ड-5 से पार्षद सत्य नारायण शर्मा मंगलवार को एडीसी कार्यालय जाएंगे। इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव लाने का नियम पूरा हो जाएगा। चूंकि, मुख्यमंत्री ऐसे मामलों में ज्यादा दखल नहीं देते। इसलिए, एक बार नियम पूरा होते ही चेयरपर्सन और वाइस की कुर्सी बचाना भाजपा के लिए मुश्किल होगा। 14 मई को 17 में से 12 जिला पार्षदों ने जिला परिषद चेयरपर्सन आशु शेरा और वाइस पुनीता के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग रखी थी। इस पर एडीसी सुजान सिंह की ओर से प्रस्ताव की पुष्टि के लिए पार्षदों को 21 और 22 मई को कार्यालय बुलाया गया था। सोमवार 21 मई को 11 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव की पुष्टि कर दी। वार्ड-2 से पार्षद विनय गुप्ता और वार्ड-3 से दयानंद उरलाना ने कहा कि सत्य नारायण शर्मा मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर की पुष्टि करने जाएंगे।
खतरे में कुर्सी
भाजपा की जिला परिषद चेयरपर्सन और वाइस चेयरपर्सन की कुर्सी खतरे में, भाजपा महिला मोर्चा बापौली मंडल अध्यक्ष तक को मना नहीं सके पार्टी नेता
7 दिन में भाजपा महिला मोर्चा बापौली मंडल अध्यक्ष तक को रोक नहीं पाए
विरोधियों में भाजपा महिला मोर्चा बापौली मंडल अध्यक्ष वार्ड-12 से पार्षद काजल गोस्वामी भी हैं। पार्टी जिला अध्यक्ष प्रमोद विज, प्रदेश महामंत्री संजय भाटिया और महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने दावा किया था कि गोस्वामी को मना लिया जाएगा। भाजपा जिला परिषद चेयरपर्सन के खिलाफ खुल्लम-खुल्ला इस तरह का विरोध इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि काजल के ससुर भाजपा पंचायती राज प्रकोष्ठ के जिला संयोजक हैं।
इन 11 पार्षदों ने की अविश्वास प्रस्ताव की पुष्टि
वार्ड-2 से विनय गुप्ता, वार्ड-3 से दयानंद उरलाना, वार्ड-4 से आशा, वार्ड-6 से कृष्ण, वार्ड-9 से सुनील, वार्ड-10 से सुनीता देवी, वार्ड-11 से निधि रावल, वार्ड-13 से श्यामचंद, वार्ड-15 से ज्योति रानी और वार्ड-16 से लख्मीचंद ने सोमवार को अविश्वास प्रस्ताव पर एडीसी के समक्ष हस्ताक्षर किए।
26 महीने में ही फूटा असंतोष का गुबार : 26 महीने में ही जिला परिषद चेयरपर्सन और वाइस के खिलाफ असंतोष का गुबार ऐसा फूटा है कि भाजपा वालों से संभले नहीं संभल रहा। जानकार ये बता रहे हैं कि सत्यवान शेरा की पहुंच बेशक सीएम तक हो, लेकिन चेयरपर्सन की कुर्सी के लिए मुख्यमंत्री कोई बड़ा स्टैंड लेंगे यह कहना मुश्किल है। क्योंकि, सब देख चुके हैं कि दो बार सीएम ने ही दुष्यंत भट्ट को पानीपत निगम के लिए भाजपा मेयर प्रत्याशी बनाया था।