दलाल को फसल बेचने के बाद पिछले साल भर से किसान पैसे के लिए भटक रहे हैं। इसके लिए किसान संबंधित विभाग के अधिकारी व कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन उन्हें अबतक कोई राहत नहीं मिली है।
जनदर्शन में हुई शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने आरोपी दलाल के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने में किसानों की मदद करने स्थानीय अधिकारियों को कहा था। इसके लिए पिछले माह जिला मुख्यालय से अधिकारी ने कोयलीबेड़ा कृषि विस्तार अधिकारी को पत्र भी जारी किया है। जो आज तक कृषि विस्तार अधिकारी तक नहीं पहुंचा है।
साल भर पूर्व ग्राम पीव्ही 1 तथा 2 के किसानों ने अपने मक्का की फसल दलाल निधीर मंडल पीवी 8 को बेचा था। पूरा साल गुजर जाने के बाद भी दलाल ने किसानों को उनके फसल की रकम का भुगतान नहीं किया। इसके लिए सिर्फ उन्हें आश्वासन देता रहा। और किसान रकम मिलने की आस में दलाल के चक्कर लगाते रहे। इस दौरान किसानों ने अपने पैसे के लिए स्थानीय अधिकारी से ले कर जिला मुख्यालय और मुख्यमंत्री तक शिकायत की। लेकिन किसी ने इन किसानों की नहीं सुनी। न ही किसानों का पैसा खाने वाले दलाल पर कार्रवाई हुई। कहीं कुछ होता न देख कुछ माह पूर्व किसानों ने दोबारा इसकी शिकायत जनदर्शन में की। जहां से चार अप्रैल 2018 को कृषि विभाग के उप संचालक द्वारा स्थानीय वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी कोयलीबेड़ा को पत्र जारी किया गया। जिसमें किसानों की मदद करते हुए आरोपी दलाल पर पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। किसानों को तो यह पत्र समय पर मिल गया पर स्थानीय अधिकारी को अब तक यह पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। अब किसान फिर से उक्त पत्र को ले अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहे हैं। ताकि किसी तरह आरोपी दलाल के खिलाफ कुछ कार्रवाई हो और उन्हें फसल की रकम मिल सके।
किसानों से 25 लाख से अधिक में खरीदा मक्का, 1 महीने में उपसंचालक का आदेश नहीं पहुंचा
25 लाख का मक्का खरीद लिया दलाल ने
दलाल निधीर मंडल इन गांव के 27 किसानों से 25 लाख से अधिक का मक्का खरीदा है। लेकिन किसी भी किसान को भुगतान नहीं किया है। उसे बेचकर पूरी राशि स्वयं ही डकार गया। किसान गुरूपद गोलदार, प्रभात मल्लिक, दिलीप राय, विधान मंडल आदि ने बताया की मक्का बेच हम किसान परेशान हो रहे हैं। और आरोपी दलाल हमारे पैसे में ही ऐश कर रहा है।
जिम्मेदार बोले- अब तक नहीं मिला है पत्र
वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी कोयलीबेड़ा आर एस बांगडे ने बताया पुलिस में मामला दर्ज कराने में जो मदद विभाग कर सकता है, वह करेगा। लेकिन इस संबंध में अबतक उच्चाधिकारियों को उन्हें कोई पत्र नहीं प्राप्त हुआ है।
कार्रवाई से बचने पी लिया था जहर
रकम नहीं देने पर किसानों ने दलाल के खिलाफ दबाव बनाया। उसकी सभी जगह शिकायत करने लगे। इसे लेकर गांव में एक बैठक भी आयोजित की गई। जहां कार्रवाई से बचने व किसानों को डराने सबके सामने जहर पी लिया। उसके बाद जब वह स्वस्थ हो गया तो लंबे समय तक इलाके से फरार रहा। बाद में मामला ठंडा पड़ने पर लौट आया।