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ग्रामीणों का हाल जानने गांवों में रात बिताएंगे अभाविप के छात्र

3 वर्ष पहले
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय कार्यक्रम ग्रामीण जीवन दर्शन के तहत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पांकी इकाई के छात्र लोग शहर की चकाचौंध दुनिया को छोड़ गांव का हाल जानने के लिए रात में भी गांव में ही अपना जीवन व्यतीत करेंगे। जिसका मुख्य उद्देश्य वहां के ग्रामीण स्थिति का आकलन करना है। यह अभियान 18 मई से 28 मई तक चलेगा। यह जानकारी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अक्षय व नगर मंत्री सोनू सिंह ने प्रेस वार्ता कर दी।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता गांव में जाकर रात गुजारेंगे और ग्रामीणों की स्थिति परिस्थिति से रूबरू होंगे। कार्यक्रम में सबकी भागीदारी हो इसके लिए परिषद जिले के सभी छात्रों से भाग लेने की अपील की है। ग्रामीणों के दैनिक जीवन में वर्तमान स्थिति क्या है। इसका पूरे 10 दिनों तक आकलन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गांव में रहने वाले वनवासियों के जीवन जीने के तरीके और उनके रहन सहन की स्थिति से सीधे-साधे अवगत होंगे एवं उनकी सामाजिक संस्कृति स्थिति को जानेंगे व जानने का प्रयास किया जाएगा।

विद्यार्थी जीवन में जो बातें किताबों में पढ़ाई जा रही है। वह कितना सही है भारतीय संस्कृति में छुआछूत की भावना नहीं है। लेकिन वर्तमान में जाति धर्म के नाम पर बांटने की कोशिश की जाती है। इन सभी विषयों की एक डॉक्यूमेंट्री बनाई जाएगी जिसे जिला प्रशासन और राज्य सरकार को भी सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। परिषद के कार्यकर्ता कल से 10 दिनों तक अलग-अलग गांव में जाकर परिषद के राष्ट्रीय थीम पर काम करना शुरू कर देंगे। मौके पर सोनू सिंह, आशीष कुमार, निखिल सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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