पांवटा में अब मशीन से कटने लगी गेहूं, समय और पैसा बच रहा
श्यामलाल पुंडीर |पांवटा साहिब
अभी तक गेहूं काटने के लिए लेबर की तलाश में भटकने वाले यहां के किसान अब गेहूं की कटाई मशीनों करने लगे हैं। मशीन से गेहूं काटने वाले किसानों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। बड़े किसान पांवटा में गेहूं की कटाई की शुरुआत मशीनों से पहले ही कर चुके हैं। इस मशीन से गेहूं की फसल काटने से किसानों को दोहरा लाभ भी हो रहा है। एक ओर इससे किसानों के पैसे की बचत हो रही है। दूसरी ओर समय पर गेहूं की फसल कट जाती है। जिससे मौसम के खराब होने से पहले गेहूं को सुरक्षित कर लिया जाता है। अब और किसान भी गेहूं की फसल काटने के लिए पंजाब व हरियाणा में जाकर मशीन खरीदने के लिए संपर्क कर रहे हैं। पांवटा के किसानों का कहना है कि मशीन से किसानों को फायदा है क्योंकि अभी तक किसानों से लेबर प्रति बीघा करीब 800 व लेबर का खर्च मिला कर 1000 रुपए प्रति बीघे का खर्च आ रहा था। जबकि मशीन वालों से अगर ठेके पर कटाई करवाई जाती है, तो प्रति बीघे 600 ही लिए जाते हैं और एक घंटे में कई बीघे जमीन पर गेहूं की फसल कट जाती है। कई बार लेबर नहीं मिलने के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
पांवटा के किसानों को गेहूं काटने के लिए अब लेबर की तलाश में नहीं भटकना पड़ेगा
जिला सिरमौर के पांवटा में इन दिनों किसान मशीनों से गेहूं कटवा रहे हैं।
4 लाख 70 हजार की
आती है मशीन
कई किसानों की गेहूं मशीन वाले ठेके पर काट रहे हैं। मगर पांवटा में कई किसान यह मशीनें खुद भी खरीद चुके हैं। जिनके पास ज्यादा जमीन है। उसके लिए मशीन खरीद कर फायदा है, जबकि कम जमीन वाले किसान लेबर से ठेके पर गेहूं कटवा रहे हैं। अगर किसानों को यह मशीन खरीदनी है, तो इसके लिए 4 लाख 70 हजार खर्च करने होंगे। इसके लिए कई किसान पंजाब व हरियाणा में संपर्क कर रहे हैं ताकि मशीन को खरीदा जा सके। प्रदेश सरकार की ओर से भी किसानों को इसमें कुछ सब्सिडी दी जाती है लेकिन ज्यादातर किसान अभी इसका फायदा नहीं उठा पा रहे हैं। शिवपुर पंचायत के पूर्व प्रधान मनजीत सिंह ने बताया कि अभी कम जमीन व गरीब किसान इसका लाभ नहीं उठा रहे हैं। जिनके पास 20 बीघे से कम जमीन है। वह तो खुद या फिर लेबर से कटाई करवा रहे हैं जिनके पास इसके ज्यादा जमीन है। वह मशीनों का इस्तेमाल किराए या फिर खुद खरीद कर कर रहे हैं।