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जहां पानी के टैंकर नहीं जाते,वहां अब आईपीएच विभाग खच्चरों से पहुंचाएगा

3 वर्ष पहले
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जिला सिरमौर में अब कोई भी प्यासा नहीं रहेगा। क्योंकि आईपीएच विभाग ने जहां पर सूखाग्रस्त जैसी आसार नजर आ रहे हैं, वहां पर पानी पहुंचाने का नया तरीका इजाद कर लिया गया है। साथ ही ऐसे गांव व पंचायत चिंहित किए जाएंगे जहां पर पानी उपयोगिता व रखरखाव सही तरीके से किया जा रहा है। आईपीएच विभाग सभी को एक सामान पानी देने के लिए प्रयासरस है। अगर जिला सिरमौर में पेयजल की स्कीमों पर नजर दौड़ाई जाए तो जिला में 1200 से अधिक पानी की स्कीमें हैं। जिसके जरिए लोगों को पानी दिया जा रहा है।

हालांकि इन स्कीमों में से कुछ स्कीमों में पानी का स्तर कम हुआ है। मगर फिर भी लोगों को एक-दो दिन छोड़ कर पानी मुहैया करवाया जा रहा है। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आईपीएच विभाग जिला में नए हैंडपंपों का निर्माण भी कर रहा है। जिसका कार्य प्रगति पर चल रहा है। साथ ही बंद पड़े हैंडपंपों को भी ठीक किया जा रहा है। जिला की बावडिय़ों व पानी के सोर्सों को भी दुरूस्त व ठीक किया जा रहा है। जिसका पानी यूस किया जा सके।

गांव व पंचायत को किया जाएगा सम्मानित: गांव व पंचायत में पानी के रखरखाव व सही उपयोगिता करने पर सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने सर्वे शुरू कर दिया है। साथ ही पंचायत व गांव स्तर पर सदस्यों को ब्लीचिंग पाउडर भी मुहैया करवाया जा रहा है। जिससे पानी की गुणवत्ता कायम रहे। इसके अलावा आईपीएच विभाग ने हर पंचायत लेवल पर सदस्यों को फिल्ड टैस्ट कीट भी दी हुई है। जिससे सदस्य अपने स्तर पर पानी की गुणवत्ता कर सकते हैं। इसके लिए हरेक पंचायत सदस्य को ट्रेनिंग भी करवाइ्र गई है। साथ ही आईपीएच हर वाटर सप्लाई स्कीम में ब्लीचिंग पाउडर डालता है, जिससे लोगों को स्वच्छ पानी मिल सके। इसके अलावा आईपीएच विभाग ने अपने सभी स्टोर टैंकों की सफाई करवा दी है। साथ ही हरेक स्टोर टैंक में ढक्कन लगाकर उसमें ताला जड़ दिया है। जिससे कोई भी शरारती व्यक्ति उसमें कुछ न डाल सके। इसके अलावा सभी लोगों को हिदायत भी दी गई है कि अपने-अपने पानी के टैंकों को साफ रखे। अगर ब्लीचिंग पाउडर डालने की बात है तो वह आईपीएच विभाग के कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं।

विभाग ने जिले में इस साल लगाए 41 नए हैंडपंप

आईपीआई विभाग जहां पर पानी का सूखा पडऩे के आसार हैं, वहां पर पानी मुहैया करवाएगा। आईपीएच विभाग ने ऐसे क्षेत्रों की लिस्ट तैयार कर ली है जहां पर पानी की कमी हो रही है। विभाग इन क्षेत्रों में पानी टैंकर लगाकर पानी की आपूर्ति करेगा। अगर जहां पर पानी के टैंकर नहीं जाते हैं, वहां पर छोटी गाडिय़ों से पानी पहुंचाया जाएगा। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण गाडिय़ों का जाना मुमकीन नहीं है। ऐसे क्षेत्रों में आईपीएच विभाग खच्चरों से पानी पहुंचाएगा। आईपीएच विाभाग सूखा ग्रस्त क्षेत्रों में पानी स्कोर टैंकों में भरेगा, जहां से सभी को एक समान पानी मुहैया हो सके। इसके अलावा विभाग ने तैयारियां पूर्ण कर ली है। आईपीएच ने पिछले साल 7 हजार के करीब पानी के टैंकों की सफाई की थी। जबकि इस साल करीब 1100 के करीब पानी के टैंकों की सफाई की जा चुकी है। इसके अलावा आईपीआई विभाग ने जिला में 41 नए हैंड पंप लगाए हैं। जिसमें से दो हैंडपंप ड्राई निकले हैं। विभाग इन हैंडपंपों से भी मैन नाइन के जरिए पानी की गुणवत्ता बना कर लोगों को सप्लाई करेगा। साथ ही जो हैंडपंप खराब पड़े हैं उनकी भी रिपेयरिंग की जा रही है।

टैंकों में डाला जाएगा पानी : आईपीएच एसई एसके धीमान ने बताया कि जिला सिरमौर के जो क्षेत्र पानी से प्रभावित हो रहे हैं, वहां पर पानी मुहैया करवाने के लिए विभाग टैंकरों, छोटी गाडिय़ों व खच्चरों का सहारा लेगा। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों के स्टोर टैंकों में पानी डाला जाएगा , जहां से सभी लोगों को एक समान पानी मुहैया करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग ने सूखाग्रस्त क्षेत्रों की लिस्ट तैयार कर ली है, जल्द ही इन क्षेत्रों में पानी दिया जाएगा।

यहां पर पड़ा स्कीमोंं पर असर

जिला सिरमौर में कुल 1200 से अधिक वाटर स्कीम है। जिला में तीन डिविजन बनाए गए हैं। जिसमें नाहन, नौहराधार व पांवटा साहिब है। नाहन में 280, नौहराधार में 478 व पांवटा साहिब में 369 के करीब स्कीमें हैं। जबकि कुछ स्कीमों पर कार्य अभी चला हुआ है। इसमें से करीब नाहन में करीब 47, नौहराधार में 5 व पांवटा साहिब में 27 स्कीमें इफेक्ट हुई है। जहां पर विभाग पानी पहुंचाने के लिए नया तरीके इजाद कर रहा है। गौर हो कि इन स्कीमों में कई बड़ी स्कीमें भी हैं, जहां पर सैकड़ों लोग इफेक्ट हो रहे हैं।

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