मनरेगा संविदा कार्मिकों के समर्थन में मंत्रालयिक कर्मचारी आ गए। मंत्रालयिक कर्मचारियों की ओर से आंदोलन को लेकर उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में बताया कि ग्राम पंचायत से लेकर विभाग स्तर पर कार्यरत शासन की रीढ़ के रूप में कार्यरत मंत्रालयिक कर्मचारी व वर्षों से संविदा का दंश झेल रहे मनरेगा कार्मिक सभी सरकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचा रहे हैं।
लेकिन कम वेतन मिलने वाले कार्मिकों को न्याय नहीं मिल रहा है। कर्मचारियों ने वेतन कटौती के आदेश को निरस्त करने, सातवे वेतनमान का लाभ दिलाने, फिक्सेशन तारीख से एरियर का भुगतान करने, शेष रहे सभी पदों पर भर्ती पुनः करने, गृह जिले में स्थानांतरण के नियमों की व्यवस्था करने, सभी कैडर व पदवार जॉब चार्ट निर्धारित करने, समान संवर्ग के कार्मिकों के बीच काम बांटने की मांग की है। मांगें नहीं माने जाने पर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने की चेतावनी दी। ज्ञापन देने वालों में नरेश, चिंतन भट्ट, विमल, योगेश, रागिनी, देवीलाल, नितेष, जयेश, पंकज, लवजी, नीरज, हंसमुख, हितेश आदि शामिल हैं।
तलवाड़ा. पंचायत समिति तलवाड़ा में कार्यरत नरेगा संविदाकर्मियों ने भी बीडीओ टीकमाराम चौधरी को ज्ञापन देकर कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन किया। ज्ञापन देने वालों में ब्लॉक अध्यक्ष कैलाश जोशी, राजेन्द्र जोशी, राजेन्द्र सोमपुरा, भूपेश सोमपुरा, सोनल निनामा, जगदीश व्यास समेत कार्मिक शामिल रहे।
परतापुर. उपखंड अधिकारी गढ़ी को ज्ञापन सौंपते नरेगा संविदा कार्मिक।
कार्मिकों ने विकास अधिकारी को ज्ञापन दिया
अरथूना. मनरेगा संविदाकार्मिकों ने नियमित करने और सातवें वेतनमान का लाभ देने की मांग को लेकर हड़ताल पर है। शुक्रवार को पंचायत समिति अरथूना में संविदाकार्मिकों ने मुख्यमंत्री के नाम विकास अधिकारी को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में बताया कि मनरेगा कार्मिक पिछले 10 साल से नियमितिकरण की राह देख रहे हैं। मांगों को लेकर 30 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहकर काम का बहिष्कार कर रहे हैं। संविदा कार्मिकों ने नियमित करने, वेतन आदेश कटौती निरस्त कर 1 जनवरी 16 से सातवे वेतन का लाभ देने, एरियर का भुगतान करने, गृह जिले में तबादला करने, अटकी भर्तियों को शुरू कराने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में पंकज पुरोहित, विमलेश, राजवीरसिंह, सोमेश्वर गरासिया, लोकेश दोसी, सनथ जैन, मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन के मुकेश ताबियार मौजूद थे।