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अढ़ाईश्वर में 1101 कलशों की शोभायात्रा निकाली नासिक से आए 40 ढोल बने आकर्षण का केंद्र

3 वर्ष पहले
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अढ़ाईश्वर शिवालय, अढ़ाई मौजा पर बुधवार से गौराम कथा और महारुद्र यज्ञ का शुभारंभ हुआ। बुधवार सुबह 8 बजे मुख्य यजमान के निवास स्थान से 1101 कलशों और पोथी की यात्रा निकाली गई, जो मुख्य मार्गों से कथा प्रांगण पहुंची।

शोभायात्रा में व्यासपीठ, महंत प्रहलाददास महाराज व मुख्य यजमाण शामिल रहे। साथ ही 25 घोड़े से धर्मध्वजा वाहक यजमान की सवारी साथ थी। इनके हाथों में धर्म की ध्वजा थी। क्षेत्र में शांति व समृद्धि के लिए गौमाता के शुद्ध घी की आहुतियों से यज्ञ भी किया जा रहा है। प्रतिदिन महारुद्र का समय सुबह 5.30 से 10 बजे तक रहेगा। प्रतिदिन कथा का समय 12 से 4 बजे तक गौ रामकथा कमलेश भाई शास्त्री करेंगे। कथा का इंटरनेट के माध्यम से यू ट्यूब पर लाइव प्रसारण भी होगा। कथा समाप्ति पर प्रतिदिन भोजन प्रसाद होगा। वहीं कथा में आने वाले श्रावकों के लिए डडूका, बोरी, परतापुर से वाहन की व्यवस्था भी की गई है।

गौरामकथा के दौरान नासिक महाराष्ट्र से 40 ढोल वादक विशेष आकर्षण का केंद्र रहे, जो शोभायात्रा के मध्य चल रहे थे। मठ के महंत प्रहलाददास महाराज, महात्माओं व कथा समिति के अनिल पंड्या आंजना, दिलीप सिंह चुंडावत सेनाला व कथा समिति द्वारा कथा वाचक का स्वागत किया गया। कथा समिति के अध्यक्ष चुंडावत के नेतृत्व में कथा समिति द्वारा प्रमुख भेमजी पाटीदार अवलपुरा, शांतिलाल पाटीदार, लालशंकर पाटीदार, नटवरसिंह, गोवेर्धन सिंह, नाथूलाल पाटीदार, हरीश पाटीदार, मोहन चितरोडिया, सेवादास ओड़वाड़ा, लक्ष्मीदत्त उपाध्याय, घनश्याम सिंह, अमर सिंह, हड़मत सिंह, झड्स सरपंच मोहनलाल, पवन पाटीदार, महेश पाटीदार, कल्पेश जोशी, जगदीश जोशी, पंकज दर्जी, भेमजी पाटीदार झड्स, कौशल प्रजापत सहित समस्त कार्यकताओं ने सहयोग प्रदान किया।

अढ़ाईश्वर में गौ रामकथा से पहले निकाली गई शोभायात्रा में नासिक के ढोलों का आकर्षण रहा।

अढ़ाईश्वर में गौ रामकथा शुरू होने से पहले निकाली पोथीयात्रा में शामिल यजमान और श्रद्धालु।

भास्कर संवाददाता |परतापुर

अढ़ाईश्वर शिवालय, अढ़ाई मौजा पर बुधवार से गौराम कथा और महारुद्र यज्ञ का शुभारंभ हुआ। बुधवार सुबह 8 बजे मुख्य यजमान के निवास स्थान से 1101 कलशों और पोथी की यात्रा निकाली गई, जो मुख्य मार्गों से कथा प्रांगण पहुंची।

शोभायात्रा में व्यासपीठ, महंत प्रहलाददास महाराज व मुख्य यजमाण शामिल रहे। साथ ही 25 घोड़े से धर्मध्वजा वाहक यजमान की सवारी साथ थी। इनके हाथों में धर्म की ध्वजा थी। क्षेत्र में शांति व समृद्धि के लिए गौमाता के शुद्ध घी की आहुतियों से यज्ञ भी किया जा रहा है। प्रतिदिन महारुद्र का समय सुबह 5.30 से 10 बजे तक रहेगा। प्रतिदिन कथा का समय 12 से 4 बजे तक गौ रामकथा कमलेश भाई शास्त्री करेंगे। कथा का इंटरनेट के माध्यम से यू ट्यूब पर लाइव प्रसारण भी होगा। कथा समाप्ति पर प्रतिदिन भोजन प्रसाद होगा। वहीं कथा में आने वाले श्रावकों के लिए डडूका, बोरी, परतापुर से वाहन की व्यवस्था भी की गई है।

गौरामकथा के दौरान नासिक महाराष्ट्र से 40 ढोल वादक विशेष आकर्षण का केंद्र रहे, जो शोभायात्रा के मध्य चल रहे थे। मठ के महंत प्रहलाददास महाराज, महात्माओं व कथा समिति के अनिल पंड्या आंजना, दिलीप सिंह चुंडावत सेनाला व कथा समिति द्वारा कथा वाचक का स्वागत किया गया। कथा समिति के अध्यक्ष चुंडावत के नेतृत्व में कथा समिति द्वारा प्रमुख भेमजी पाटीदार अवलपुरा, शांतिलाल पाटीदार, लालशंकर पाटीदार, नटवरसिंह, गोवेर्धन सिंह, नाथूलाल पाटीदार, हरीश पाटीदार, मोहन चितरोडिया, सेवादास ओड़वाड़ा, लक्ष्मीदत्त उपाध्याय, घनश्याम सिंह, अमर सिंह, हड़मत सिंह, झड्स सरपंच मोहनलाल, पवन पाटीदार, महेश पाटीदार, कल्पेश जोशी, जगदीश जोशी, पंकज दर्जी, भेमजी पाटीदार झड्स, कौशल प्रजापत सहित समस्त कार्यकताओं ने सहयोग प्रदान किया।

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