परतापुर. जैन मंदिर में भक्तामर विधान के दौरान मौजूद श्रद्धालु।
परतापुर| मुनि समतासागरजी के सान्निध्य में नवागांव रोड पर प्रस्तावित समवशरण स्थल पर आचार्य विद्यासागर महाराज के 50वें दीक्षा स्वर्ण संयम महोत्सव के उपलक्ष्य में समाज की ओर से बनवाए जा रहे कीर्ति स्तंभ का अनावरण रविवार को मुनि समता सागरजी महाराज के सान्निध्य में हुआ। मुनिश्री ने सभी से दान करने का आह्वान करते हुए कहा कि दान नहीं करोगे तो धन सफेद, काली या खाकी वर्दी वाले के पीछे बर्बाद हो जाएगा। सफेद वर्दी यानी मेडिकल विभाग दवाई में, काली वर्दी यानी वकीलों के पीछे कोर्ट कचहरी में और खाकी वर्दी यानी पुलिस वालों में उलझकर धन खर्च हो जाएगा। इसलिए बेहतर होगा कि बिना वर्दी वाले दिगंबर गुरु का कहना मान ले और अधिकाधिक धन दान पुण्य में लगाएं।
कार्यक्रम में दशाहुमड़ दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष दिनेश खोडनिया, मोहनलाल पिंडारमिया, फेडेरेशन ऑफ हुमड़ जैन समाज के राजस्थान प्रोविन्स चेयरमैन अजीत कोठिया अतिथि रहे। भक्तामर विधान में सौधर्म इंद्र अशोक पंचोरी परिवार रहे। कीर्ति स्तंभ का शिलान्यास तेजपाल गांधी, अनावरण अजबलाल दोसी, स्तंभ का निर्माण सकल दिगंबर जैन समाज की ओर से वस्तुपाल पंचोरी, सागरमल पंचोरी, अनिल दोसी, गणेशलाल छापिया के सहयोग से किया गया है। समवशरण पर दो मूर्ति स्थापित करने की घोषणा खुशपाल पंचोरी व मोहनलाल पिंडारमिया ने की। मंत्रोच्चार भोपाल से आए भैया अनिल शास्त्री व चंदन भैया ने किया। समारोह से पूर्व बेड़वा बाबा मंदिर से मुनि समता सागर व ऐलक निश्चय सागर महाराज के सान्निध्य में श्रीजी को गंधकुटी में विराजित कर गाजे बाजे के साथ समारोह स्थल ले जाया गया। यहां पर मुनिश्री के सान्निध्य में भगवान का अभिषेक, शांतिधारा राघवेश मैयावत व अनिल, विनोद दोसी ने की। मुनिश्री का पाद प्रक्षालन अनिल शाह ने किया। जिनवाणी भेंट सौरभ जैन ने की। इस अवसर पर अध्यक्ष गिरीश कोरावत, चंदन कोरावत, विपीन दोसी, संजय सवोत सहित युवा सदस्यों ने सहयोग किया।