जिले में खनिज विभाग की रायल्टी की राशि से 9 करोड़ से भी ज्यादा के काम किए जाएंगे। जिसमें 35 कार्य प्रगतिरत है और140 कार्यों के प्रस्ताव भी अनुमोदन के लिए तैयार किए गए। डीएमएफटी डिस्ट्रिक मेनेजमेंट फाउंडेशन ट्रस्ट के सानिध्य में खनन क्षेत्र की रायल्टी से वसूली जा रही से विकास के काम किए जाएंगे। जिसमें शिक्षा, चिकित्सा के क्षेत्र में ज्यादा काम हैं। जिसकी नोडल एजेंसियां सर्व शिक्षा अभियान, मेडिकल एवं चिकित्सा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग रहेंगी। अभी उक्त राशि से 35 कार्य प्रगतिरत हैं एवं 140 और काम के प्रस्ताव तैयार कर दिए गए हैं। इन कामों को करने के लिए एक समिति गठित की गई है। जिसके मानक भी तय किए गए हैं। जिसमें सरकारी काउंसलिंग एवं जिला प्रमुख की अध्यक्षता सदस्य, सचिव, मुख्य अभियंता, मुख्य वन संरक्षक, सीओ, सिंचाई विभाग आदि की मौजूदगी में समिति द्वारा निर्धारण किया जाता है।
5 जगह काम शुरू, 140 कामों के प्रस्ताव का अनुमोदन तैयार, कुल 9 करोड़ से भी ज्यादा के होंगे विकास कार्य
ऐसे आती है राशि, सबसे ज्यादा राशि मिलती है सीमेंट उद्योग से
जिले में खनन क्षेत्र से आने वाली राशि में से त्रिपुरा सुंदरी एवं पालोदा खनन क्षेत्र से 33 करोड़ की राशि का दस प्रतिशत, सीमेंट उद्योग से सबसे ज्यादा राशि मिलती है। जिसमें करीब 1 करोड़ प्रतिमाह मिलती है, जिसका 30 प्रतिशत एवं बांसवाड़ा क्रेशर से भी प्रतिमाह 10 की राशि प्राप्त करने के लिए है।
ये हैं 35 कार्य प्रगतिरत
वर्तमान में इस 9 करोड़ की राशि में से 35 कार्य प्रगतिरत हैं, जिसमें भवन की मरम्मत कार्य, पेयजल व्यवस्था, जर्जर भवन की मरम्मत, चार दीवारी कार्य, मैदान में समतल मरम्मत करना आदि कार्य होंगे।
140 काम है प्रस्तावित
140 कामों का प्रस्ताव अनुमोदन के लिए तैयार किए गए हैं। जिसमें भी तालाब पाल निर्माण एवं वृक्षारोपण, कागदी नाले में सड़क मरम्मत, लोधा इंजीनियरिंग कालेज में सघन वृक्षारोपण, सामुदायिक स्वास्थ केंद्र तलवाड़ा, परतापुर आदि जगहों पर एक्सरे लगाने, आंगनवाड़ी केंद्रों के भवनों की मरम्मत, विद्यालयों में मरम्मत, किचनशेड निर्माण, रसायन प्रयोगशाला, कक्षा कक्षों का निर्माण, अतिरिक्त कक्षा कक्षों का निर्माण आदि के कार्य किए जाएंगे। मुख्य खनिज अभियंता राजेश हाड़ा ने कहा कि मई 17 से अब तक राशि में से 9 करोड़ की राशि से भी ज्यादा की राशि से काम किए जाएंगे। जिसमें 140 कामों में से 35 कार्य प्रगतिरत हैं एवं संबंधित नोडल एजेंसियों द्वारा कार्य पूर्ण करवाकर यूसी प्रदान की जाएगी बताया।