195 में मात्र 15 मकानों का ही निर्माण हुआ शुरू
पीएम योजना में भुगतान नहीं मिलने से एक साल बाद भी मकानों के निर्माण अधूरे हैं।
पीएम आवास योजना में घर बनाने के लिए पिछले साल 15 वार्डों से 400 आवेदन आए थे। नपं परिषद ने 192 लोगों को इसमें घर बनाने की मंजूरी दी थी। नपंे नोडल अधिकारी अभिषेक सिंह का कहना है कि शहरी क्षेत्र मास्टर प्लान नहीं होने से इसमें 144 को 5 जनवरी को भूमि डायवर्सन कराने के लिए राजस्व अधिकारी के पास भेजा है। डायवर्सन नहीं होने से भवन बनाने के लिए ले आउट दे पाना संभव नहीं है | शेष पेज 16
दिलचस्प बात यह है इनमें 48 के पास तत्कालीन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री व्दारा प्रदत्त भूमि के पट्टे तथा समुचित दस्तावेज होने के बाद भी नगर पंचायत के नोडल अधिकारी ने महज 15 आवेदकों को ही आवास बनाने के लिए लेआउट दिया है। पुरानी बस्ती वार्ड क्रमाक 12 में प्रधानमंत्री आवास निर्माण करने वाले हितग्राही मनीराम का कहना है कि उसके आवास में डोर लेवल का निर्माण काम पूरा कर लेने के बाद 2 महीनों से भुगतान नहीं मिल रहा है।
गरीब तबका के अनेक लोगों को अपना अधूरा भवन के चलते घर के आस पास कच्ची झोपड़ी बनाकर गुजारा करना पड़ रहा है।
लेआउट मंजूर नहीं होने से योजना में नहीं मिल रहा भुगतान इसलिए घर का निर्माण 1 साल से अटका है।
नगर पंचायत की लापरवाही. नपं के एल्डरमैन हरजीत सिंह भाटिया और सुनील अग्रवाल का कहना था कि नगर पंचायत में कांग्रेस का कब्जा होने के कारण ही गरीब तबके को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जानबूझकर नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों का कहना है कि परिषद की लापरवाही के चलते ही गरीब परिवार के लिए निशुल्क नल जल योजना का भी लाभ नहीं मिल सका है। पत्थलगांव नगर पंचायत में बीते वर्ष प्रधानमंत्री आवास का निर्माण करने के लिए 192 हितग्राहियों में से केवल 15 लोगों को भवन निर्माण के लिए ले आउट मिल पाया है। इसमें वार्ड क्र. 1, मार्सेल लकड़ा, रमिया केरकेटटा,चैतु तिर्की, दिपक मिंज, सुलेमान मिंज, पास्कल पन्ना, बेरोनिका, वार्ड क्र.12. केवरा बाई, मनीराम, नीमादेवी व वार्ड क्र.13. करमवती चैहान, हिरासोबाई, बिछित राम, धनमति विश्वकर्मा, शकुंतला नामदेव शामिल हैं।
सीधी बात | अभिषेक सिंह, नोडल अधिकारी
आज तक नहीं बन पाया शहर का मास्टर प्लान
शहरी क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास बनाने का काम की क्या स्थिति है?
यहां बीते वर्ष प्रधानमंत्री आवास के लिए मंजूर 192 में केवल 15 आवास बनाने का काम शुरू किया गया है।
शेष हितग्राहियों के भवन निर्माण का काम क्यों नहीं शुरू हो पाया है?
शासन का मास्टर प्लान नहीं बन पाने से 144 हितग्राहियों की कृषि भूमि का डायवर्सन का काम नहीं हो पाया है। इन सभी प्रकरणों को डायवर्सन के लिए जनवरी माह में राजस्व विभाग के पास भेजा गया था। अभी तक डायवर्सन का काम पूरा नहीं हो पाया है।
प्रधानमंत्री आवास का निर्माण करने वाले 15 लोगों की भी षिकायत है कि उन्हे भुगतान के लिए कई दिनों से नगर पंचायत कार्यालय के चक्कर लगाना पड़ रहा है?
यहां नगर पंचायत के बिलों का भुगतान के लिए सीए की जांच आवश्यक है। सीए की जांच में विलंब होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।