सीमांकन कराने के बाद मंदिर को 5 डिसमिल जमीन और मिल गई
सुरेशपुर के मंदिर में शिवलिंग तोड़े जाने से गांव का माहौल गरमा गया था। प्रशासन और पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में पुलिस फोर्स तैनात रखी थी। मंगलवार को एसडीएम पीवी खेस, एसडीओपी तस्लीम आरिफ, थाना प्रभारी नरेंद्र त्रिपाठी सुरेशपुर पहुंचे और भविष्य में गांव की शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए ग्रामीण की बैठक बुलाई।
बैठक में अधिकारियों ने बारी बारी से सभी से मंदिर की घटना के बारे में बात की। सभी ने एक राय होकर कहा कि मंदिर से किसी को कोई आपत्ति नहीं है। कुछ लोगों ने मंदिर के अगल बगल अपनी जमीन होने का दावा किया | शेष पेज 16
तो एसडीएम के आदेश पर पूरे क्षेत्र की चौहदी की नपाई कराई। इस दौरान सुरेशपुर के समस्त ग्रामीणों के साथ अगल बगल के भूमि स्वामी भी मौजूद थे।
जमीन नपाई में मन्दिर की जमीन निकली और अधिक
पटवारी और आरआई ने ग्रामीणों और अधिकारियों के समक्ष जब चारों तरफ की जमीन की नपाई की तो मंदिर की जमीन वास्तविक गांव के रिकार्ड में मिली और नापी पूरी होने पर मन्दिर के पीछे 5 डिसमिल भूमि मंदिर के नाम से निकली, जिसके बाद मौके पर पंचनामा तैयार कर अधिकारियों के समक्ष रखा, जहां सभी ने अपने हस्ताक्षर कर विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझा लिया। ग्रामीणों ने मन्दिर की वास्तविक भूमि पर चिह्नांकन कर घेरा भी लगा दिया।