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डेढ़ साल में एक भी पीएम आवास नहीं बना संसदीय सचिव ने कहा- शर्मनाक स्थिति

3 वर्ष पहले
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ले आउट पास नहीं होने से डेढ़ साल बाद भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ शहर में किसी को भी अब तक नहीं मिला है। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करने वालों ने जब अपनी परेशानी विधायक शिवशंकर साय को बताई तो वे नगर पंचायत के सीएमओ सहित अन्य अफसरों की लापरवाही आक्रोश जताया और उन्होंने इसकी शिकायत विकास यात्रा में मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह से करके कार्रवाई तक कराने की बात कह डाली।

बुधवार को प्रेमनगर, पुरानीबस्ती और बंदियाखार के 2 दर्जन लोग संसदीय सचिव एवं स्थानीय विधायक शिवशंकर साय पैकरा से शिकायत करने पहुंचे। उन्होंने श्री पैकरा को बताया कि पीएम योजना में उनका आवेदन मंजूर होेने पर भी पक्का मकान बनाने के लिए ले आउट नहीं दिया जा रहा। नपं अध्यक्ष उर्वशीदेवी सिंह भी इसमें रुचि नहीं ले रही। विधायक ने कहा कि शहरी क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना का डेढ़ साल बाद भी योजना का लाभ नहीं मिल पाना शर्मनाक है। नपं सीएमओ व अन्य कर्मियों की लापरवाही से स्वच्छता अभियान भी फेल हो गया। इनकी लापरवाही को देखकर तो लगता है कि मुझे ही सड़क और नालियों की सफाई कराने के लिए शहर में निकलना पड़ेगा। वे इसकी शिकायत 19 मई को सीएम डा.रमन सिंह का कांसाबेल प्रवास के दौरान करके लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई करवाएंगे।

अफसरों की उदासीनता से जमीन डायवर्सन व मकान के ले आउट का काम अटका

जिन्होंने पीएम आवास बनाना शुरू किया, उनका बिल पास नहीं होने से निर्माण अधूरा।

एक भी प्रधानमंत्री आवास अब तक नहीं हुआ पूरा

शहर के 15 वार्डों से 400 लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था। जांच के बाद नगर पंचायत ने पहले 192 लोगों को प्रधानमंत्री आवास बनाने की मंजूरी दे दी है, पर निर्माण मास्टर प्लान के कारण अटक गया और अब तक एक भी निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। नगर पंचायत के सीएमओ जेएम परिहार का कहना है कि शहरी क्षेत्र मास्टर प्लान नहीं होने से जनवरी में 144 प्रकरणों में भूमि डायवर्सन कराने के लिए राजस्व अधिकारी के पास भेज दिया है, पर वहां भूमि डायवर्सन के पूरे दस्तावेज जमा नहीं होने से डायवर्सन का काम अधूरा है। इससे उन्हें प्रधानमंत्री आवास बनाने के लिए ले आउट दे पाना संभव नहीं है।

48 पट्टेधारी में मात्र 15 को ही दिया ले-आउट

48 लोगों के पास शासन द्वारा दिया गया भूमि का पट्टा भी है। इसके बावजूद पंचायत के नोडल अधिकारी ने मात्र 15 को ही आवास बनाने के लिए लेआउट दिया है। नगर पंचायत के एल्डरमैन हरजीत सिंह भाटिया ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए नगर पंचायत में करोड़ों रुपए का आवंटन मिल जाने के बाद भी गरीब तबका के लोग इसका लाभ नहीं मिल रहा। पुरानी बस्ती वार्ड क्रमाक 12 और प्रेमनगर मुहल्ले में अनेक लोगों ने प्रधानमंत्री आवास का निर्माण शुरू करा दिया है पर नगरी निकाय विभाग के इंजीनियर निर्माण कार्य का मूल्यांकन नहीं कर रहे। इससे योजना का लाभ लेने वाले बेवजह परेशान हो रहे हैं।

सीधी बात

जयमंगल सिंह परिहार, सीएमओ, नगर पंचायत पत्थलगांव

इंजीनियर नहीं था, सीए जांच में हुआ विलंब इसलिए काम अटका

शहरी क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास बनाने का काम की क्या स्थिति है ?

-यहां बीते वर्ष प्रधानमंत्री आवास के लिए मंजूर 192 लोगों में से 30, 40 आवास बनाने का काम शुरू किया गया है।

शेष के भवन निर्माण का काम क्यों नहीं शुरू हो पाया है ?

-शहरी क्षेत्र में शासन का मास्टर प्लान नहीं बन पाने से 144 लोगों की कृषि भूमि का डायवर्सन नहीं हुआ। सभी प्रकरण राजस्व विभाग के पास हैं।

प्रधानमंत्री आवास का निर्माण करने वाले लोगों की शिकायत है कि उन्हें भुगतान के लिए कई दिनों से नगर पंचायत कार्यालय के चक्कर लगाना पड़ रहा हैं ?

-नगर पंचायत में इंजीनियर नहीं था। इसके अलावा बिलों का भुगतान के लिए सीए की जांच आवश्यक है। सीए की जांच में विलंब होने से लोगों को परेशानी हो रही है।

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