पत्थलगांव | जल संकट से निपटने के लिए पाकरगांव पंचायत के ग्रामीण बारिश आने से पहले अपने घरों में ग्रामीणों को वाटर हार्वेस्टिंग बनाना शुरू कर दिया है। गांव की ज्योती एक्का ने वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण कर अपने बंद पड़े बोर को पुर्नजीवित किया है। उन्होंने आसपास बरसात का बेकार बहने वाले पानी से बंद पड़े बोर से पानी मिलने लगा है। बेकार पड़ा बोर उपयोगी हो जाने से आस पास के लोगों की भी पेयजल समस्या दूर हुई। पानी की समस्या दूर होने से पाकरगांव के अन्य लोग भी वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा रहे हैं।
पाकरगांव में ग्रामीण श्रमदान करके प्राकृतिक जल स्रोतों की कर रहे सफाई
नरेगा में डबरी बनाई जा रही, कुआंें की करा रहे सफाई
हैंडपंप के चारों तरफ बना रहे गड्ढे. ग्रामीणों को बरसात का पानी को बेकार बह जाने से बचाने की समझाइश देने के बाद ग्रामीण पुराने हैंडपंप के आस पास बरसात का पानी को रोकने के लिए गड्ढे बना रहे हैं। सरपंच पटेल टोप्पों ने बताया कि ग्रामीणों को जागरूक होने से अभियान में अब ग्रामीणों का भी सहयोग मिल रहा है।
पाकरगांव के सचिव संदीप राज ने बताया कि क्षेत्र में नदी नाले नहीं है। ऐस में गर्मी में भू जल स्तर में गिरावट आने पर ग्रामीणों को पीने का पानी के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। तुरूवाआमा में पानी की भीषण समस्या के मददेनजर नरेगा योजना से डबरी निर्माण का काम शुरू कराया गया है। पाकरगांव क्षेत्र में पुराने तालाब और कुंओं की साफ सफाई कर पीने का पानी की समस्या के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। इसके तहत तालाबों का सरंक्षण के लिए श्रमदान की भी पहल की गई है।