चंदागढ़, भैंसामुड़ा और कोयलारभदरा के ग्रामीणों ने दूर की पानी की कमी
चंदागढ़, भैंसामुड़ा और कोयलारभदरा के ग्रामीणों ने दूर की पानी की कमी
भास्कर न्यूज | पत्थलगांव
तमता क्षेत्र में भू जल स्तर में हो रही गिरावट को देखते हुए चन्दागढ़ गांव के आसपास नदी नालों में बहकर बेकार हो जाने वाले पानी को ग्रामीणों ने रेत की बोरियों से रोक दिया।
इससे गांव में जल संचय की सार्थक पहल शुरू हुई। गांव के समीप 2 छोटे नालों में बेकार बहने वाला पानी को रोक लेने से ग्रामीणों की अब निस्तार की समस्या दूर हो गई है। इससे पहले पानी की समस्या का खामियाजा गांव के मवेशियों को भी भुगतना पड़ता था। पीने का पानी का अभाव में किसानों को अपने मवेशियों को दूर दूर ले जाना पड़ता था लेकिन अब किसानों को इस कठिन समस्या से राहत मिल गई है। तमता क्षे़त्र में छोटे नालों का पानी रोक लेने की इस पहल का ग्रामीणों को दोहरा लाभ मिलने लगा है। इसी वजह अब भैंसामुड़ा, कोयलारभदरा के ग्रामीण भी नदी नालों में बेकार बहने वाला पानी को रोक कर उसका सदुपयोग करने लगे हैं। चन्दागढ़ गांव में अब छोटे नालों में बेकार बह कर पानी की बर्बादी को रोकने का काम में गांव के लोग स्वतः श्रमदान करने पहुंच जाते हैं। यहंा के नानसाय का कहना था कि हमारे गांव में सरपंच रोशन प्रताप सिंह ने इस सार्थक पहल से गांव के लोगों को जोड़ा था। पहले गांव के लोगों को नदी नालों का पानी रोकने का काम में अधिक दिलचस्पी नहीं थी पर अब जल संचय से अनेक लाभ को देख कर गांव के लोग दूसरे गांव वालों को भी इसकी सीख देने लगे हैं। गांव के लोग आपस में मिल जुलकर पानी रोकने के बाद इसका लाभ खेती के काम में भी करने लगे हैं।