आध्यात्मिक शिक्षा का ज्ञान जरूरी : साध्वी त्रिपदा
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से श्री रघुनाथ मंदिर रामलीला ग्राउंड पठानकोट में श्री मद्देवी भागवत महापुराण नवाह ज्ञानयज्ञ का आयोजन किया गया। शहर के गणमान्य व्यक्ति कथा प्रसंग सुनने कि लिए पहुंचे।
रविवार को कथा के दूसरे दिवस साध्वी त्रिपदा भारती ने दैत्यों के विनाश की गाथा में निहित रहस्यों को बहुत सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया। साध्वी ने कहा कि मानव को अपनी प्रशंसा सुनने से उसके प्रति राग और निंदा सुनने से द्वेष हो जाता है। वास्तव में यह दोनों पतन का ही कारण है। उन्होंने समझाते हुए कहा कि आज समाज में जितने भी विघटन हैं उनका कारण विकार ही हैं।
उन्होंने कहा कि बाहरी शिक्षा के साथ आध्यात्मिक शिक्षा का होना भी अति अनिवार्य है। मानव शिक्षक तो बन गया है, लेकिन भीतर अंधकार गहराता जा रहा है जो उसके चरित्र को धुलित करता जा रहा है। इसके लिए ब्रह्म ज्ञान का होना अनिवार्य है। इससे ही नैतिक मूल्यों का निर्माण होता है। तभी देश में शंाति आ सकती है।
सााध्वी त्रिपदा प्रवचन करती हुईं।
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से आयोजित कथा का आज तीसरा दिन
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से करवाई जा रही कथा में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़ कर अपनी मौजूदगी दर्ज करवाई। -भास्कर