हरी अजवायन से कम होता है मोटापा : डाॅ. गायत्री
मशहूर डायटीशियन डाॅ. गायत्री महाजन का कहना है कि आज अनियमित जीवन शैली और खान-पान में फास्ट फूड जैसी चीजों के इस्तेमाल के कारण युवाओं में वजन बढ़ने की समस्या आम हो गई है। इसके लिए शारीरिक एक्सरसाइज के साथ सेलरे (हरी अजवायन) और सेहत के लिए किन्नू, सीड्स आदि रामबाण साबित हैं, जिनका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। गायत्री ने बताया कि अब विदेशों में भी दवाओं के साथ देसी इलाज की ओर लोगों का रुझान बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि युवाओं में बाडी बिल्डिंग का क्रेज है। जो वेजीटेरियन हैं, उन्हें अधिक प्रोटीन के लिए किन्नुआ सीड्स लेना चाहिए। बाहर के देशों में इसे दलिया के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। थायराइड से पीड़ित व्यक्ति के लिए पनीर से यह बेहतर है।
इसी तरह क्यूमिया सीड्स सलाद में मिलाकर खा सकते हैं। डाॅ.गायत्री ने बताया कि इसी तरह सनफ्लावर सीड्स, कद्दू के बीज सिर के बालों को बढ़ाने और उनका गिरना रोकने में कारगर होते हैं, उन्होंने खान-पान पर ध्यान देने पर जोर दिया।
डाॅ. गायत्री महाजन
डायटीशियन डाॅ. गायत्री महाजन ने भास्कर से साझा किए विचार
फास्ट फूड से बढ़ रही है पीसीओडी की समस्या
गायत्री महाजन ने भास्कर से बातचीत में बताया कि महिलाओं और पुरुषों में समान रूप से वजन बढ़ने और थायराइड जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं क्योंकि लोगों की दिनचर्या अनियमित और तनावपूर्ण हो गई है। फास्ट फूड व ऐसे ही खान-पाने के कारण लड़कियों में पीसीओडी (पालीसिस्टिक ओवरी डिजीज) की बढ़ रही समस्या को कम करने में मोरिंगा लीज बहुत कारगर हो रहा है। मोरिंगा के पत्ते लोग घरों में भी उगा सकते हैं। इसी तरह वजन घटाने में सबसे अहम है, सेलरे जिसे हरी अजवायन भी कहते हैं। विदेशों में लोग वजन घटाने के लिए इसके पत्ते खाते हैं। दही के साथ इसके पत्ते और बीज खाए जा सकते है, जिससे वजन कम हो जाता है।