खरमास खत्म, मांगलिक कार्य आज से शुरू
सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेगा। इसके साथ ही खरमास का समापन होगा और 15 अप्रैल से मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। 14 मार्च से मांगलिक कार्य नहीं हो रहे थे। विवाह, वास्तु पूजन, मुंडन संस्कार सहित अन्य कामों पर प्रतिबंध था।
अब 22 जुलाई तक वैवाहिक कार्य होंगे। इसके बाद 23 जुलाई को देवशयनी एकादशी से 19 नवंबर देवउठनी एकादशी तक विवाह कार्य बंद रहेंगे, यानी 98 दिन तक विवाह के मुहूर्त रहेंगे। पंडित अनिल शर्मा ने बताया 14 मार्च से 15 अप्रैल तक विवाह, वास्तु पूजन, मुंडन संस्कार आदि कर्म खरमास के कारण बंद थे। अब 15 अप्रैल को खरमास समाप्त होते ही मंगल कार्य शुरू होंगे।
पैलेस और बैंड की होने लगी बुकिंग: विवाह की तिथियां नजदीक आते ही टेंट और बैंड की बुकिंग भी होने लगी है। टेंट वालों के पास शादी. विवाह की बुकिंग पहुंचने लगी है। अक्षय तृतीया के बाद अधिक शादियां हैं। वहीं मैरिज पैलेस वालों के पास दो महीने पहले से विवाह की बुकिंग पहुंचने लगी है। ऐसे में कुछ लोगों को विवाह के लिए पैलेस मिलने भी मुश्किल हो रहे हैं। शादी समारोह में रंग जमाने के लिए परिवार के लोग बैंड की बुकिंग करने पहुंच रहे हैं। 17 से 30 अप्रैल तक विवाह के अधिक मुहूर्त हैं। जिससे इस बीच सबसे ज्यादा समस्या बनेगी।
मुहूर्त
16 मई से 13 जून तक अधिकमास, एक माह तक नहीं होंगे विवाह
अक्षय तृतीया पर अबूझ मुहूर्त में होंगी शादियां
18 को अक्षय तृतीया है। यह अबूझ मुहूर्त है। इसमें सैकड़ों शादियां होंगी। विवाह आदि मांगलिक कार्य 22 जुलाई तक होंगे। 23 जुलाई को देवशयनी एकादशी से 19 नवंबर देवउठनी एकादशी तक विवाह कार्य बंद रहेंगे।
अति शुभ मुहूर्त में होंगे मांगलिक कार्य
अप्रैल में 18, 19, 20, 24, 25, 27, 28, 29 व 30
मई में 1,4, 5, 6, 11 और 12 16 मई से 13 जून तक अधिकमास रहने से एक माह विवाह नहीं होंगे।
जून में 18, 19, 20, 21, 23, 25, 27, 28 व 29
जुलाई में 5, 6, 10 व 11 जुलाई तक