नगर निगम के साल 2018-19 के बजट को डेढ़ महीने बाद भी पंजाब सरकार से मंजूरी नहीं मिल सकी है। लिहाजा सोमवार को निगम की वित्त एवं ठेका कमेटी (एफएंडसीसी) ने शहर में 26 जरूरी कामों को मंजूरी दी। इससे पांच महीने से रुके पड़े गलियों-नालियों के काम शुरू होने की उम्मीद जगी है। इसके अलावा 10.82 लाख के गलियों में इंटरलॉकिंग टाइल, पानी की सब मोटर के कंट्रोल पैनल के काम भी पास किए गए।
वहीं, बड़े काम एफएंडसीसी से मंजूर करने का कांग्रेस और उसके पार्षद विरोध करते रहे हैं। उनका कहना है कि एफएंडसीसी में कांग्रेसी पार्षद भी शामिल किए जाएं जबकि मेयर का कहना है कि निगम में बहुमत भाजपा का है तो एफएंडसीसी में उसी के पार्षद होंगे। मेयर ने कहा कि सोमवार को 26 जरूरी काम एफएंडसीसी ने मंजूर किए गए हैं।
मीटिंग में उपस्थित मेयर अनिल वासुदेवा, कमिश्नर कुलवंत सिंह व अन्य।
नई कालोनियों में 65 सफाई सेवक रखने का टेंडर पास
मेयर अनिल वासुदेवा की अध्यक्षता में हुई एफएंडसीसी की मीटिंग में 8.35 लाख में 10 अनस्किल्ड फायरमैन और 3 ड्राइवर, 2.99 लाख में डाटा एंट्री ऑपरेटर कम आफिस असिस्टेंट आउटसोर्स पर भर्ती करने का टैंडर 8.99 फीसदी कम रेट पर जारी करने को मंजूरी दी गई। 27.52 लाख में 90 पार्ट टाइम सफाई कर्मचारी भर्ती करने का टैंडर 8.99 फीसदी कम रेट पर जारी करने को मंजूरी दी गई। नई कालोनियों के एरिया में 65 सफाई सेवक रखने का 20 लाख का टैंडर 8.99 फीसदी कम रेट पर जारी करने की एफएंडसीसी ने मंजूरी दी। वार्ड नं.40 में दलजीत कुमार वाली गली में आईएसआई मार्क इंटरलॉकिंग टाइल का काम 29.86 फीसदी कम रेट पर 2 लाख 78 हजार 380 रुपए, वार्ड नं.41 में गली निर्माण का काम 28.86 फीसदी कम रेट पर 3 लाख 53 हजार 36 रुपए में जारी करने की मंजूरी दी गई। इसके अलावा वार्ड नं.5 स्थित एग्रीकल्चर आफिस के पास 1.87 लाख से इंटरलॉकिंग टाइल, गुरुद्वारा वाली गली में जीआई पाइप का 1.38 लाख, वार्ड नं.20 के पठानकोट क्लब के पास स्टोन का 1.90 लाख, डेयरीवाल में डंपिंग ग्राउंड के पास जेसीबी मशीनरी मुहैया कराने का 1.92 लाख, सब मोटर पंप का 1.80 लाख समेत 10.82 लाख के काम को मंजूरी दी गई।
बजट मीटिंग में हुआ था हंगामा, उपस्थिति पर सरकार ने मांगे कमेंट
28 मार्च को नगर निगम हाउस की बैठक में पार्षदों ने शोरगुल किया था। मेयर अनिल वासुदेवा को पानी की बोतल तक मार दी गई थी। इसके चलते 4 पार्षदों के ही प्रोसिडिंग बुक पर हस्ताक्षर हुए थे। प्रोसिडिंग बुक को कांग्रेसियों ने मेयर से सवाल करते हुए हाइजैक कर लिया था। हो-हल्ले के बाद मीटिंग से उठकर बाहर आए मेयर ने दावा किया था कि मीटिंग में बजट पास हो गया है, लेकिन अभी तक सरकार से वार्षिक बजट को मंजूरी नहीं दी गई है। सरकार ने उस पर नगर निगम से कमेंट मांगा था जिसमें बजट मीटिंग में उपस्थिति के बारे में पूरी जानकारी मांगी गई थी। कमिश्नर कुलवंत सिंह का कहना है कि बजट पर कमेंट मांगे गए थे और उसके बारे में सरकार को बता दिया गया है।