कश्यप राजपूत सभा की नई बनी कार्यकारिणी का विरोध शुरू हो गया है। पूर्व कमेटी के प्रधान सहित अन्य पदाधिकारियों ने नवनियुक्त प्रधान पर सभा के नाम पर की गई उगाही में हिसाब न देने का आरोप लगाया है। सभा की पूर्व कमेटी प्रधान यशपाल काला, पूर्व महासचिव अमित कश्यप ने बैठक कर बताया कि नवनियुक्त अध्यक्ष आए दिन पूर्व कमेटी पर हिसाब न देने का आरोप लगा रहे हैं, लेकिन असलियत में पूर्व कमेटी ने पूरा हिसाब सरेंडर किया था। पूर्व कैशियर सुभाष चंद्र ने नए बने कैशियर को सारा हिसाब दिया था तो फिर प्रधान किस चीज का हिसाब मांग रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नवनियुक्त प्रधान लाइम लाइट में रहने को पूर्व कमेटी पर कीचड़ उछाल रहे हैं। अगर उन्होंने ऐसा न किया तो वह कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व कमेटी से हिसाब मांगने वाले प्रधान ने 2 साल पहले कलेक्शन कॉपी ली थी, जिसमें 100 पर्चियां थीं पर 2 साल बीतने के बावजूद प्रधान ने न तो कॉपी जमा करवाई और न ही उसका हिसाब दिया। 100 में से केवल 3 पर्चियों का हिसाब दिया गया। बाकी की 97 पर्चियों संबंधी कोई जानकारी नहीं दी जा रही। सभा का खुद का संविधान है और अगर प्रधान ने कलेक्शन का हिसाब न दिया तो संविधान के मुताबिक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस मौके पर प्रेम मेहरा, मोहन लाल, राजेश कमल, रमन कुमार, शशी पाल, मदन लाल, बनारसी दास, अविनाश भोला, लक्की मेहरा, मोहित कुमार, कमल कुमार व अंकुश के अलावा अन्य भी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान जानकारी देते पूर्व कमेटी के पदाधिकारी।