पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • 70 एटीएम में रिक्वायरमेंट 15 करोड़, मिल रहे Rs.2 करोड़

70 एटीएम में रिक्वायरमेंट 15 करोड़, मिल रहे Rs.2 करोड़

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
एक सप्ताह से एसबीआई के 70 एटीएम में कैश की कमी चल रही है। रोजाना 40 से 45 लाख रुपए तक डालने जाने वाले एक एटीएम में 3 से 5 लाख रुपए ही पड़ रहे हैं जबकि 70 एटीएमो में करीब 15 करोड़ रुपए की रिकवायरमेंट है। इन दिनों 70 एटीएम के लिए एक से 2 करोड़ रुपए ही मिल पा रहे हैं। इसका कारण आरबीआई से कैश कम मिलना बताया जा रहा है। मौजूदा हालात की बात करें तो 15 से 20 एटीएम कैश आउट की कगार पर हैं। इनमें से कई एटीएम में 6 हजार रुपए से 30 हजार रुपए ही पड़े हैं जबकि 21 मशीनों में 2 लाख रुपए और 14 मशीनों में 40, 51, 68 और ज्यादा 83 हजार रुपए के करीब है। लोगों को सिटी से बाहर एक एटीएम से दूसरे एटीएम के चक्कर काटकर पैसे निकलवाने पड़ रहे हैं। सोमवार को एटीएम में 95 लाख ही पड़े थे जबकि मंगलवार और बुधवार को 70 एटीएम में कैश डालने के लिए 2 करोड़ रुपए पड़े। शहर के साथ सटे जुगियाल, सुजानपुर झाकोलाहड़ी, दुनेरा, धार आदि एरिया में एटीएम में शार्टेज चल रही है।

लोगों में रूप शर्मा, राजू कुमार, सुनैना, आरती ने मांग की कि एटीएमों में राशि पूरी डाली जाए, जिससे कस्टमर को कैश निकलवाने में एक एटीएम से दूसरे एटीएम के चक्कर न काटने पड़े। उनका कहना है कि लोगों के लिए एटीएम से पैसे निकलाने की सुविधा तो दी गई है लेकिन कुछ दिनों से कैश की कमी के चलते दिक्कत झेलनी पड़ रही है।

कैश की किल्लत

झाकोलाहड़ी, जुगियाल, सुजानपुर दुनेरा, धार के एटीएम में पैसों की शार्टेज

एसबीआई के 15 से 20 एटीएम कैश आउट होने के कगार पर, 6 हजार से 30 हजार रुपए ही एटीएम में

बार्डर एरिया में 2 दिन बाद एटीएम में पड़े पैसे

एसबीआई का एटीएम।

बमियाल एरिया में संदिग्ध देखे जाने की सूचना के बाद हुए अलर्ट के चलते सोमवार को नरोट जैमल सिंह, बमियाल समेत एरिया में लगे एटीएम में कैश ही नहीं पड़ा। मंगलवार को हालात सामान्य होने पर कैश वैन को भेजकर एटीएम में पैसे पड़े। चैनल मैनेजर राकेश का कहना है कि कई बार छुट्टियों के चलते एटीएम में पैसे नहीं पड़ते। एटीएम में ज्यादा खपत पहली तारीखों के चलते होती है। जहां आम आदमी के अलावा सरकारी मुलाजिम भी एटीएम को ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।

खबरें और भी हैं...