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गड्‌ढे से बेकाबू हुई कार पेड़ से टकराई, दूसरा एयरबैग न खुलने से जख्मी हुए युवक की मौत

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | पठानकोट/सरना

मुकेरियां-पुरानाशाला रोड चाबा के पास बेकाबू हुई कार पेड़ से टकराने से सैली कुलियां निवासी सुरिंद्र की हुई मौत के बाद देर रात दूसरे युवक शहीदपुर निवासी राजिंद्र कुमार उर्फ साबी की अमृतसर अमनदीप में इलाज दौरान मौत हो गई जबकि कार में सवार तीसरा युवक दलजीत सिंह अमनदीप अस्पताल में वेंटीलेटर पर उपचाराधीन है। भोआ में पड़ते शहीदपुर निवासी राजिंद्र कुमार अपने चाचा के लड़के दलजीत और बुआ के बेटे सुरिंद्र के साथ कार में सगे भाई नरिंद्र सिंह को दिल्ली एयरपोर्ट जाने के लिए जालंधर बस स्टेंड पर छोड़कर आए थे।

सुरिंद्र

राजिंद्र

दलजीत सिंह

दुखद

मृतक राजिंद्र का शव उनके घर पहुंचने पर मां वीना देवी और भाई नरिंद्र का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। -भास्कर

सुरिंद्र पहलवानी करता था और राजिंद्र जेएंडके में आर्मी में तैनात था

राजिंद्र के भाई नरिंद्र का कनाडा में स्ट्डी वीजा लगा था। मंगलवार रात 2. 20 बजे फ्लाइट थी। तीनों कार में नरिंद्र को दोपहर 1 बजे जालंधर छोड़ने के बाद वापस पठानकोट लौट रहे थे। बुधवार को सुरिंद्र और राजिंद्र के शव पोस्टमार्टम के बाद यहां लाए गए। दोनों युवकों की लाशें देख परिवार और रिश्तेदारो में चीख पुकार मच गई। सुरिंद्र पहलवानी करता था और जमींदार परिवार से संबंध रखता था। वहीं, राजिंद्र कुमार जेएंडके में आर्मी में तैनात था। तीनों युवक अविवाहित हैं। जालंधर से वाया मुकेरियां से होते हुए पुरानाशाला लौटते समय चाबा के पास सड़क पर गड्ढा देखकर कार चला रहे दलजीत ने अचानक हैंडब्रेक लगाई तो कार बेकाबू होकर पेड़ से जा टकराई। कार चालक दलजीत वाली सीट का एयरबैग खुल गया तो दूसरा नहीं खुला। हादसे में कार में शार्ट-सर्किट हो गया। हादसे में सुरिंद्र की मौत हो गई जबकि राजिंद्र और दलजीत को गुरदासपुर अस्पताल पहुंचने के बाद अमृतसर रेफर कर दिया गया।

फुफेरे भाई सुरिंद्र की हो गई थी मौके पर मौत, सगे भाई राजिंद्र ने बुधवार को अमृतसर के अस्पताल में दम तोड़ा, जख्मी चचेरा भाई दलजीत सिंह वेंटीलेटर पर

भाई की मौत का पता चला तो एयरपोर्ट से लौटा नरेंद्र

नरिंद्र दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंच गया था। नरेंद्र की मंगलवार रात 2 बजकर 20 मिनट पर फ्लाइट थी। बार-बार फोन करने पर भी नरिंद्र से उसका परिवारवालों का संपर्क नहीं हो पाया। उसने रात 1 बजे एयरपोर्ट पर ही घर में फोन किया तो उसे पता चला कि भाई और कजन का एक्सीडेंट हो गया। हादसे की खबर सुनकर नरिंद्र एयरपोर्ट से फ्लाइट छोड़कर बुधवार दोपहर अपने गांव शहीदपुर पहुंचा और भाइयों के शव देखकर बेसुध हो गया। मां वीना और परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल था।

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