धान व बासमती की फसल के पैदावार बढ़ाने में नाइट्रोजन, फासफोरस, पोटाशियम के साथ-साथ फैरिस सल्फेट और जिंक सल्फेट भी अहम भूमिका निभाते है। इसलिए रसायनिक खादों के साथ देसी खादों का प्रयोग करना चाहिए।
उक्त बात ब्लाक कृषि अफसर डॉ.अमरीक सिंह ने ब्लाक पठानकोट के गांव गुलपुर में स्थित राकेश कुमार खेती फार्म व एग्रीकल्चरल टैक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी (आत्मा) तहत लगाए फार्म स्कूल की शुरूआत करते एकत्रित किसानों को कही। फार्म स्कूल बारे जानकारी देते डॉ.अमरीक सिंह ने कहा कि धान एवं बासमती के पकने तक कुल 6 तकनीकी सेशन लगाए जाएंगे। जिसमें मौसम, समय अनुसार तकनीकी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य हेतु कुल 30 किसानों को तकनीकी तौर पर मजबूत करने हेतु चयन की गई है ताकि किसानों के एक्सट्रा खेती लागत खर्चे कम करके खेती शुद्घ आमदन बढ़ाई जा सके। उन्होंने कहा कि गेंहूं के नाड़ को जलाने की बजाएं खेती में तवीया या पल्टावी हल से वाही करके दबा देना चाहिए,जो धान की रोपाई तक गल सड़ कर मिट्टी उपजाऊ शक्ति बढ़ाने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि धान पर बासमती की फसल को रोग मुक्त रखने हेतु पनीरी बिजाई से पहले उलीनाशक रसायनों से शोध लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान अपनी समस्याओं के हल हेतु दुकानदारों पर निर्भर रहते हैं जिससे कई बार फायदे की जगह नुकसान हो जाता है। उन्होंने कहा कि दुकानदार किसानों को सिफारिशों के उलट कम से कम दो कीटनाशक दवाइयां दे देते है तथा कई बार दवाई की सिफारिश के उलट मात्रा भी बढ़ा देते हैं ताकि उनकी बिक्री अधिक होने पर फायदा ज्यादा हो सके, पर इसके साथ जहां किसान का आर्थिक शोषण होता है, वहीं फसल पर कीड़ों की रोकथाम भी नहीं होती। उन्होंने किसानों को अपील की कि जब कभी फसल पर कोई समस्या आती है तो वह पहले खेती विशेषज्ञों से संपर्क करके सिफारिश की कीटनाशक रसायनों का ही छिड़काव करें ताकि जो कीड़ों की समूची रोकथाम के साथ-साथ वातावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सके। गुरदित्त सिंह ने किसानों को धान के बीज को शोध करने के तरीके को प्रदर्शित करके किसानों को जानकारी दी। गुरदित्त सिंह कृषि विस्तार अफसर के प्रबंधों अधीन लगाएं गए फार्म स्कूल के पहले दिन गुरप्रीत सिंह ब्लाक टैक्नोलॉजी मैनेजर, निरपजीत सिंह खेती उपनिरीक्षक, अमनदीप सिंह सहायक तकनीकी प्रबंधक उपस्थित थे।
गांव गुलपुर में राकेश कुमार खेती फार्म व एग्रीकल्चरल टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी के तहत फार्म स्कूल शुरू
किसानों को जानकारी देते कृषि विभाग के अधिकारी।