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फिरोजपुर रेल मंडल के सभी स्टेशनों पर गैस सिलेंडर बंद बिजली उपकरण का होगा प्रयोग, आदेश न माने तो कार्रवाई

3 वर्ष पहले
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फिरोजपुर रेलवे डिवीजन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे स्टेशनों पर गैस सिलेंडर के इस्तेमाल पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। कोई भी स्टाल व रेहड़ी संचालक गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कॉमर्शियल विभाग की तरफ से आदेश मिलते ही स्टेशन पर स्थित अधिकारियों ने सभी ठेकेदारों व स्टाल संचालकों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

फिरोजपुर रेलवे डिवीजन के अधीन आते सभी रेलवे स्टेशनों पर गैस सिलेंडर के इस्तेमाल पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। सीनियर डीसीएम मोनू लूथरा ने इस संबंध में सभी को पत्र जारी कर सूचित किया है। अब स्टेशन पर यात्रियों को स्टाल व रेहड़ी पर मिलने वाले ताजे पूरी-छोले व भटूरे नहीं मिलेंगे। सिलेंडर बंद होने के बाद स्टाल पर वेंडर केवल बिजली से चलने वाले उपकरण का ही इस्तेमाल कर सकेंगे। सीएमआई राजेन्द्र लौ ने बताया कि नादर्न रेलवे गत दिनों कुछ रेलवे स्टेशनों पर हुई आगजनी की घटनाओं को देखते हुए रेल मंत्रालय की तरफ से सभी मंडल के कॉमर्शियल अधिकारियों को आदेश जारी किया गया है कि वह सभी स्टाल व रेहड़ी पर इस्तेमाल होने वाले गैस सिलेंडर पर तत्काल राेक लगाएं।

इटारसी स्टेशन पर हुई थी आगजनी की घटना

सीएमआई ने बताया कि मध्य प्रदेश के इटारसी रेलवे स्टेशन पर 8 मई को प्लेटफार्म नंबर एक पर भीषण आगजनी की घटना हुई थी। यह आग प्लेटफार्म नंबर एक पर स्थित खाना बनाने के कमरे में रखे ज्वलनशील पदार्थ के कारण लगी थी। आग के कारण प्लेटफार्म नंबर एक पूरी तरह से ध्वस्त हो गया था। स्टेशन पर आग लगना और उसी के दो दिन बाद बैतूल-इटारसी के बीच सेना की मालगाड़ी में आग लग गई। इस पर रेलवे ने भविष्य में ऐसी घटना न हो इसलिए यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से अब पठानकोट से वेरका और पठानकोट से जोगिन्द्र नगर तक रेलवे स्टेशन पर स्टालों पर गैस सिलेंडर हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है तथा स्टालों वालों को अब इलेक्ट्रिकल उपकरण इस्तेमाल करने के लिए कहा गया था। गैस सिलेंडर हटाने के लिए समय भी दिया गया था।

बेस किचन में बनेगा खाना

पठानकोट रेलवे सिटी स्टेशन और कैंट स्टेशन पर यात्रियों को शुद्ध व पौष्टिक खाना उपलब्ध कराने के लिए स्टेशन के आसपास ही बेस किचन बनाया जाएगा। यहां से तैयार ताजा खाना स्टेशन के सभी स्टाल व रेहड़ियों पर पहुंचेगा। स्टाल पर खाना गर्म करने के लिए माइक्रोवेव व इलेक्ट्रिकल तवे का इस्तेमाल किया जाएगा। अब स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को स्टाल व रेहड़ी पर मिलने वाले ताजे पूरी-छोले व भटूरे नहीं मिलेंगे।

यात्रियों को होगी परेशानी

पठानकोट कैंट व सिटी रेलवे स्टेशन से रोजाना लगभग 60 रेलगाड़ियां आती हैं और इस कारण यात्रियों की संख्या भी लगभग दस हजार होती है जो स्टेशन पर कुलचे छोले, पूरी-आलू व भटूरे-छोले खाकर पेट भरते थे। लेकिन अब ऐसे यात्रियों को या तो घर से खाना लाना होगा या फिर स्टेशन पर मौजूद अन्य खान-पान की वस्तुओं पर निर्भर करना होगा।

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