डेंगू में पेरासिटामोल सेफ, एस्प्रिन व ब्रूफेन से नुकसान : सिविल सर्जन
नेशनल डेंगू-डे पर सिविल सर्जन पठानकोट डॉ. नैना सलाथिया के नेतृत्व में डेंगू जागरूकता साइकिल रैली सिविल अस्पताल से निकाली गई। इसमें एडीसी जनरल कुलवंत सिंह, एसीजी अशोक कुमार, एडीसी ग्रीवेंसेज अर्शदीप सिंह, सहायक सिविल सर्जन डॉ. आदिति सलारिया के अलावा अन्य मेडिकल अफसर और विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। रैली सिविल अस्पताल से शुरू हुई जो शाहपुर चौक, आर्या गर्ल्स कॉलेज, मिशन रोड, डलहौजी रोड, गाड़ी अहाता चौक, लाइटों वाला चौक, गांधी चौक, पोस्ट आफिस चौक से होते हुए पुन अस्पताल परिसर में आकर समाप्त हुई।
सिविल अस्पताल पठानकोट से साइकिल रैली को रवाना करती सिविल सर्जन डॉ. नैना सलाथिया।
डेंगू से बचाव के लिए फिलहाल कोई टीका नहीं इसलिए जागरूकता ही बचाव
डॉ. नैना सलाथिया ने कहा कि रैली का उद्देश्य लोगों को डेंगू के बारे अवेयर करना है। उन्होंने शहरवासियों से अपील करते कहा कि डेंगू से बचाव के लिए शहरवासी हर शुक्रवार को ड्राइ-डे रखे। इस दिन अपने घरों, दफ्तरों और दुकानों में लगे फ्रिज की ट्रे, गमले, कूलर और पानी के अन्य कंटेनर्स को अच्छी तरह सुखाएं। उन्होंने बताया कि डेंगू का मच्छर एक सप्ताह में अंडे से अडल्ट बन जाता हैं। डेंगू बुखार मादा एडिज मच्छर के काटने से होता है। यह मच्छर दिन में काटता है और साफ पानी में पैदा होता है। डेंगू से बचाव के लिए फिलहाल कोई टीका नहीं आया है इसलिए इससे बचाव के लिए आपका जागरूक होना जरूरी हैं।
अचानक तेज बुखार व सांस में रुकावट भी डेंगू बीमारी के लक्षण : डॉ. नैना सलाथिया
उन्होंने बताया कि अचानक तेज बुखार, शरीर पर रेशेस, बदन दर्द, सिर दर्द, मांसपेशियों व जोड़ों में जबरदस्त दर्द प्रारंभिक लक्षण हैं। एक अन्य प्रकार के डेंगू, जिसको हेमरेजीक डेंगू कहा गया है, जिसमें रक्तस्राव के लक्षण व बेहोशी के लक्षण प्रतीत होते हैं। सांस में रुकावट भी एक लक्षण है। ऐसे मरीज को तुरंत किसी अच्छे अस्पताल में जहां आईसीयू सुविधा हो ले जाना चाहिए, क्योंकि उसमें प्लेटलेट कोशिकाओं (रक्त में एक प्रकार की कोशिकाएं, जो खून के शरीर में बहाव को रोकती है) की कमी हो जाती है। उन्होंने कहा कि इस बुखार में केवल पेरासिटामोल टेबलेट लेनी चाहिए एस्प्रिन और ब्रूफेन लेने से ब्लीडिंग हो सकती है। इस मौके पर डीएचओ डॉ. तरसेम सिंह, डॉ. राकेश सरपाल, डॉ. डॉली अग्रवाल, डॉ. सुनीता शर्मा, रिंपी, डॉ. अरुण सोहल, एसएमओ डॉ. भूपिन्द्र सिंह, एमओ डॉ. एमएल अत्री, डॉ. प्रियंका, शक्ति चौधरी, थर्ड आई कल्चरल स्कूल के डायरेक्टर आनंद शर्मा, सुदीप गर्ग, जनक सिंह व अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।