नशे की आदत को रोकने के उद्देश्य से सिविल अस्पताल के नशा छुड़ाओ केंद्र में नए खुले आउट पेशेंट ओपियोड एसिसटेड ट्रीटमेंट क्लीनिक (ओओएटी क्लीनिक) का डीसी नीलिमा ने उद्घाटन किया। सिविल सर्जन डॉ. नैना सलाथिया व एसएमओ डॉ. भूपिंद्र सिंह ने ओओएटी क्लीनिक के बारे जानकारी देते हुए बताया कि नशे की आदत को कम करने व इसे रोकने के लिए राज्य सेहत विभाग द्वारा बढ़िया उपराला शुरू किया है। इस क्लीनिक में नशे के आदि मरीजों का आउट पेशेंट ओपियोड एसिसटेड ट्रीटमेंट किया जाएगा। मरीज अब हफ्ते में किसी भी दिन नशा छुड़ाओ केंद्र में आकर मनोचिकित्सा विशेषज्ञ डॉक्टर से काउंसलिंग के बाद इलाज शुरू करवा सकते हैं।
इसके लिए मरीज को सबसे पहले ओओएटी क्लिनिक में आकर रजिस्ट्रेशन करवानी पड़ेगी। रजिस्ट्रेशन के बाद मरीज पहले काउंसलर से मिलकर डॉक्टर के पास जाकर अपनी पूरी जानकारी देगा। हिस्ट्री जानने के बाद मरीज के पेशाब का टेस्ट किया जाएगा। अगर टेस्ट हेरोइन पाजीटिव आता है तो मरीज की दवाई शुरू की जाएगी। ओओएटी की दवाई हेरोइन या अफीम व इससे तैयार पदार्थों को लेने वाले मरीजों को ही दी जाएगी। यह मनोचिकित्सा के डॉक्टर की निगरानी में 3-4 दिन सरकारी नशामुक्ति केंद्र में पाउडर के रूप में दी जाएगी। यह दवाई 10-15 मिनट मरीजों को बिना बोले सिर नीचे करके जीभ के नीचे रखने के लिए दी जाएगी। जो कि बाद में जीभ की नाड़ों राही खून में चली जाएगी। दवाई खाने के बाद मरीजों एक घंटा सेंटर में रुकेगा। 3 दिन के बाद जब इस दवाई की मात्रा सेट हो जाएगी तो मरीज पंजाब में किसी भी ओओएटी क्लीनिक में अपना यूआईडी नंबर बताकर दवाई ले सकता है। क्योंकि मरीज की सारी जानकारी ऑनलाइन अपलोड की जाएगी। यह ओओएटी क्लीनिक छुट्टी वाले दिन व रविवार को सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक तीन घंटे तक खुला रहेगा। इस मौके पर मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. सोनिया मिश्रा, डॉ. वीना मिश्रा, डॉ. राकेश सरपाल, चीफ फार्मासिस्ट विद्याधर, डॉ. प्रियंका, विमल, काउंसलर मनभावन सिंह आदि मौजूद रहे।
सिविल के नशा छुड़ाओ केंद्र में नए खुले आउट पेशेंट ओपियोड एसिसटेड ट्रीटमेंट क्लीनिक का शुभारंभ
सिविल अस्पताल के नशा छुड़ाओ केंद्र में नए खुले ओओएटी क्लीनिक का शुभारंभ करतीं डीसी नीलिमा, सिविल सर्जन डॉ. नैना सलाथिया व एसएमओ डॉ. भूपिंद्र सिंह।