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चंडीगढ़ से शराब की पेटी Rs.400 में लाकर यहां 3000 में बेचते हैं, पार्षद का भतीजा मुख्य तस्कर

3 वर्ष पहले
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गांव शहीदपुर में मोटर के कमरे में 600 पेटी बिना मार्का वाली शराब बरामद होने के तार राजधानी चंडीगढ़ में बैठे शराब सप्लायरों से जुड़े हैं। इन शराब सप्लायरों को एक पेटी अवैध शराब 400 रुपए में पड़ती है जो वे पठानकोट में सक्रिय शराब तस्करों से 1000 रुपए प्रति पेटी पहुंच लेकर गांरटी से पठानकोट पहुंचाते हैं। चंडीगढ़ से बिना मार्का शराब पहुंचने के बाद शहर के विभिन्न हिस्सों में 3 हजार रुपए तक प्रति पेटी बेची जाती है।

यह बातें पुलिस छानबीन में सामने आई हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सूबे में 600 पेटी अवैध शराब पकड़े जाने का अब तक का यह सबसे बड़ा मामला बताया जा रहा है। इस मामले में अहम यह कि शराब बरामद होने के बाद से फरार दौलतपुर के विनोद कुमार लौंडी को पुलिस मुख्य तस्कर मान रही है और उसके साथ कई और लोग जुड़े हैं।

शहीदपुर में 600 पेटी शराब मिलने के मामले में एक और तस्कर गिरफ्तार

चंडीगढ़ से लाई बिना लेबल 600 पेटी शराब बरामदगी मामले में शहीदपुर निवासी हरभजन के बाद पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े सतीश कुमार लक्की को पकड़ा है। बुधवार को पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया। मुख्य सरगना बड़ा दौलतपुर निवासी विनोद कुमार उर्फ लौंडी और मोहल्ला राजड़िया निवासी प्रजबल भंडारी फरार हैं। एसएसपी विवेकशील सोनी व थाना सदर प्रभारी परमजीत कुमार का कहना है कि दोनों को जल्द पकड़ा जाएगा।

शराब तस्करी में पहले ही जमानत पर चल रहा पार्षद का भतीजा | मुख्य तस्कर विनोद कुमार लौंडी शहर के एक पार्षद का भतीजा है और शराब तस्करी के आरोप में कुछ दिन पहले भी उसके खिलाफ थाना डिवीजन नं.2 में एक्साइज एक्ट का केस दर्ज किया गया था। तब उसे जमानत पर उसे छोड़ दिया गया था लेकिन जमानत मिलने के बाद वह फिर इस धंधे में लग गया।

600 पेटी शराब पर बनता है सवा 13 लाख रुपए टैक्स | 600 पेटी शराब पर एक्साइज डिपार्टमेंट की ओर से प्रति पेटी 2200 रुपए के हिसाब से टैक्स बनता है। ईटीओ लवजिंदर सिंह का कहना है कि बाहर से 600 पेटी शराब लाकर सवा 13 लाख रुपए की टैक्स चोरी की गई है। उसकी कैलकुलेशन की जा रही है। बोतल के कैप पर बने लोगो से शराब चंडीगढ़ की एक डिस्टलरी की होने की बात सामने आई है। उसे वेरिफाई करवाया जा रहा है।

पकड़ी बोतलों पर नहीं लिखी डिग्री | सरकार की ओर से निर्धारित पैमाने के तहत प्रत्येक बोतल पर शराब के मार्का के अलावा उसकी डिग्री लिखना जरूरी है ताकि क्वालिटी पता चल सके। सरकार ने स्टैंडर्ड शराब 75 डिग्री निर्धारित की है, उससे नीचे 25 और 50 डिग्री भी तय है। लेकिन पकड़ी गई 600 पेटी शराब की किसी भी बोतल पर मार्का या डिग्री नहीं लिखी है। पुलिस और एक्साइज डिपार्टमेंट शराब के सैंपल चंडीगढ़ लैब में भेजने की तैयारी कर रही है।

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