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मंगल और केतु के संयोग से खूब तपेगी रोहिणी

3 वर्ष पहले
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मई के मध्य की शुरुआत के साथ ही सूरज के तेवर तीखे हो गए हैं। भीषण गर्मी के साथ उमस ने लोगों को परेशान कर दिया है। 25 मई से रोहिणी की शुरुआत होगी। ज्योतिषियों का कहना है कि मंगल आैर केतु का संयोग इस बार रोहिणी में प्राकृतिक आपदाओं की स्थितियां बनाएगा। इस बीच भीषण गर्मी के अलावा बारिश के योग हैं। यानी रोहिणी गलेगी। मौसम विशेषज्ञ भी नवतपा के दौरान बारिश की संभावनाएं जता रहे हैं। 25 मई को सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेगा। इसी के साथ रोहिणी की शुरुआत होगी। 8 जून को रोहिणी समाप्त होगी।

25 से रोहिणी, मौसम विशेषज्ञों ने जताई बारिश की संभावना

पिछले तीन सालों में एेसी रही रोहिणी

2017: 25 मई से रोहिणी की शुरुआत हुई। तीसरे दिन बादल छाने के बाद हल्की बूंदाबांदी हुई थी। रोहिणी के दौरान आैसत तापमान 40 से 43 डिग्री रहा।

2016: 25 मई से 7 जून तक रोहिणी रही। इस दौरान तापमान 43 डिग्री तक पहुंच गया था।

2015: 25 मई से रोहिणी शुरू हुई लेकिन बारिश एक जून को हुई। भीषण गर्मी के साथ उमस बनी रही। रोहिणी की अवधि में आैसत तापमान 41 से 43 डिग्री बना रहा।

प्राकृतिक आपदाओं की संभावना : शर्मा

ज्योतिषाचार्य पं. अनिल शर्मा ने बताया 1 मई से मंगल आैर केतु का संयोग बन रहा है। इन दोनों के साथ होने से प्राकृतिक आपदाओं की स्थितियां बनती हैं, जिससे भीषण गर्मी, आंधी-तूफान के साथ तेज हवा, आगजनी, दुर्घटनाएं व राजनीतिक उथल-पुथल की स्थितियां रहेगी। इस समय में भारतीय सीमाओं पर विरोधी गतिविधियां भी बढ़ेगी।

तापमान बढ़ने के साथ बारिश की स्थिति

मौसम वैज्ञानिक डॉ. सुरिंदर पाल सिंह ने बताया कि मई-जून के बीच भी राजस्थान से गर्म हवा आती है। 25 मई से 8 जून तक की अवधि के बीच गर्म हवा के साथ भीषण गर्मी से बारिश की स्थितियां बन सकती है। इस दौरान शुरुआत के 5 से 7 दिनों तक तापमान बढ़ने के अलावा भीषण गर्मी व उमस की संभावना है। इसके बाद हल्की बारिश हो सकती है।

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