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पेप्सिको ने फिर खड़ी की दीवार, शहीदी गेट तक आधा किलोमीटर घूमकर आना पड़ेगा

3 वर्ष पहले
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पेप्सी प्रोजेक्ट की ओर से अखवाना में शहीदी गेट का रास्ता बंद करने के कारण सोमवार को गांव के लोगों और पुलिस के बीच झड़प के बाद गांव में तनाव और दहशत का माहौल है। प्रोजेक्ट के बाहर चार थानों की पुलिस तैनात है। वहीं रास्ता बंद करने के लिए प्रोजेक्ट की ओर से बनाई गई दीवार लोगों ने सोमवार को तोड़ दी थी, जिसे भारी पुलिस सुरक्षा के बीच मंगलवार को फिर से बना दिया गया। साथ ही रास्ता भी उखाड़ दिया, जिस कारण गांव के लोगों को शहीदी गेट तक आधा किलोमीटर घूमकर आना पड़ेगा। दूसरे दिन थाना नंगलभूर, मामून, कानवां और शाहपुरकंडी थानों की पुलिस के साथ महिला पुलिस और दंगा नियंत्रण वाहन तैनात कर दिए गए। डीएसपी कुलदीप सिंह ने कहा कि माहौल शांतिपूर्ण है। पुलिस अलर्ट है।

उधर, शाहपुरकंडी पुलिस को पेप्सिको के मैनेजर तजिंद्र कौशल ने शिकायत दी है कि प्रोजेक्ट के लिए उन्हें सरकार ने जमीन अलाट की है। गांव के लोग यहां रास्ते बनाकर गुजरते रहे थे। अब जब जमीन पर काम किया जा रहा है तो अड़चन पैदा की जा रही है। शिकायत पर शाहपुरकंडी थाने में अज्ञात भीड़ पर आईपीसी की धारा 352, 186, 332, 427, 447, 148, 249 के तहत केस दर्ज किया गया है।

भारी पुलिस बल तैनात, पेप्सिको मैनेजर की शिकायत पर हुआ पर्चा

किसी गांववासी का मेडिकल नहीं हुआ

सोमवार को पुलिस और गांव वालों के बीच हुई झड़प के बाद सिविल अस्पताल पठानकोट में 5 पुलिस मुलाजिमों ने मेडिकल कराया। हालांकि झड़प में ग्रामीणों को भी चोटें आईं, लेकिन दूसरे दिन भी किसी गांव वाले का मेडिकल नहीं हुआ। गांव अखवाना के रघुनाथ सिंह का कहना है कि एक महिला की बाजू टूटी है, जिसे निजी अस्पताल ले गए थे। कल की कार्रवाई से गांव में दहशत है। कौन कहां पर भर्ती है, कुछ पता नहीं। साथ ही सरपंच जगन्नाथ का भी कल रात से कुछ पता नहीं है।

शहीद के मां-बाप बोले, अगर रास्ता नहीं था तो गेट क्यों बनवाया, प्रशासन ने पेप्सी को बेचा रास्ता

शहीद मनजीत सिंह की मां तृप्ता देवी और पिता शाम सिंह ने बताया कि रविवार सुबह ही पुलिस की दो गाड़ियां आ गई थीं और उन सब लोगों को तथा सरपंच जगन्नाथ को यह कहकर ले गए कि डीसी न बातचीत के लिए बुलाया है। डीसी ने उन्हें यही कहा कि नोटिफिकेशन के मुताबिक वह एरिया पेप्सी प्रोजेक्ट के अंदर है जिसे गांव के लोग रास्ता बता रहे हैं। डीसी से बातचीत करने के बाद रात साढ़े 8 बजे दो ऑटो बदलकर जब हम लोग गांव में लौटे तो गांव में चीख-पुकार मची हुई थी। गांव को आते गलियों में पुलिस लोगों को जबरदस्ती उठाने में लगी थी। पुलिस गांव के लोगों को गलियों में घूम-घूमकर पकड़ रही थी। उन पर लाठियां भी बरसाई जा रही थीं। उन्होंने कहा कि उनके बेटे मनजीत ने 4 जून 2015 को देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी। दो साल पहले शहीदी गेट का निर्माण किया गया था। अगर रास्ता ही नहीं था तो गेट का निर्माण क्यों कराया गया। आज प्रशासन ने रास्ता पेप्सी वालों को बेच दिया है।

झड़प के बाद ग्रामीणों की भीड़ पर 7 धाराओं में केस दर्ज, सरपंच भूमिगत

पुलिस और लोगों के बीच झड़प के दूसरे दिन पेप्सी प्रोजेक्ट की ओर से भारी पुलिस बल के बीच गांव अखवाना में फिर से दीवार खड़ी कर दी गई। इसके बाद भीतर सड़क भी उखाड़ दी गई। पूरे इलाके में 4 थानों की पुलिस तैनात है। -भास्कर

शहीद मनजीत सिंह के पिता शाम सिंह और मां तृप्ता देवी।

शहीद की याद में बना गेट

4 जून 2015 को शहीद हुए मंजीत सिंह की याद में गांव अखवाना में शहीदी गेट बनाया गया था। गांव के लोग शहीद के परिवार के साथ करीब 49 दिन से धरने पर बैठे हुए हैं।

अखवाना के शहीद मनजीत का न हो अपमान : सलारिया

पठानकोट | इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर में लग रही 800 करोड़ की लागत के पेप्सी प्रोजेक्ट द्वारा अखवाना के शहीद मनजीत सिंह का यादगारी गेट और गांव का रास्ता बंद करने को लेकर पुलिस कर्मियों के साथ हुई पत्थरबाजी की घटना पर भाजपा नेता स्वर्ण सलारिया ने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि शहीद का अपमान न हो। सलारिया ने कहा कि इंडस्ट्री लगनी चाहिए तभी इलाके का विकास होगा, लेकिन जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को यह भी देखना चाहिए कि उस शहीद मनजीत सिंह और उनके परिवार का किसी प्रकार अपमान न हो। दोनों पक्षों को बैठक मसला हल किया जाना चाहिए न कि लाठियों के बल पर। मनजीत सिंह ने देश के लिए कुर्बानी दी और सरकार ने उसे नमन करने के लिए यादगारी गेट बनवाया, तो अब रास्ता बंद कर उसे अपमानित नहीं किया जाए। पथराव की घटना को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

स्वर्ण सलारिया

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